-नहरों का अवार्ड पारित करने के लिए 27 अक्टूबर तक लगेंगे शिविर
झालावाड़.हाड़ौती संभाग के झालावाड़ए बारां व कोटा जिलों की 2 लाख एक हजार हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचित करने व 1821 गांवों की प्यास बुझाने वाली परवन वृहृद सिंचाई परियोजना अब धीरेण्धीरे अपना आकार लेने लगी है। बीते माह में राज्य सरकार ने परियोजना के लिए करोडो रुपए दिए थेए इससे परियाजना स्थल पर चल रहे टनल निर्माण के कार्य को गति मिली है। वहीं बांध से निकलने वाली दोनों नहरों का कार्य शुरू होने से लाखों किसानों को इसका फायदा मिलेगा। इस परियोजना का काम मई 2021 में पूरा होना थाए लेकिन बीच में काम की गति धीमी पडऩे से कार्य 2022 में पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि परियोजना की दोनों नहरो का काम भी अब शुरू हो गया हैए ऐसे में अब हजारों किसानों की लाखों हैक्टेयर भूमि सिंचित हो सकेगी। लेकिन पहले किसानों को मुआवजा देना होगा। इस परियोजना की कुल लागत 7 हजार 355 करोड़ रुपए निर्धारित है।
20 किलोमीटर का लक्ष्य-
जल संसाधन विभाग परवन वृहृद सिंचाई परियोजना झालावाड़ के अधिशासी ने बताया कि परियोजना की बारां की ओर आने वाल दायीं मुख्य नहर के लिए धारा 19 की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई हैए 20 की अन्तगर्त किसानों की सुनवाई 5 से 27 अक्टूबर तक की जाएगी। नहर की कुल लंबाई 89.4 किलोमीटर है। इसमें 47 गंावों के किसानों की भूमि अवाप्त की जाएगी। इसकी प्रक्रिया चल रहे हैं। करीब 175 करोड़ रूपए का अवार्ड इन किसानों की जमीन को बनेगा। वित्तीय वर्ष में 20 किलोमीटर कैनाल का लक्ष्य रखा गया है!
बाईं मुख्य नहर-
बांयी मुख्य नहर की लंबाई 51ण्95 किलोमीटर होगीए इससे करीब 43 हजार हैक्टेयर भूमि सिंचित होगी। बायीं मुख्य नहर में खानपुर क्षेत्र के 18 गांव आ रहे है जिसमें से 11 गावों का संभावित अवार्ड बना लिया गया है। क्षेत्र के ईरलीए सारोला कलांए चंडालियाए सारोलाखुर्दएडूंगरपुरए सोजपुरए सीमलखेड़ीए पिपलाजए मोहम्मदपुराए भड़ावदाए नयागांवए ठकुरान आदि का सर्वें कर अनुमाति अवार्ड 50 करोड़ रुपए माना गया है। भूमि अवाप्ति के लिए 20 अक्टूबर से 9 नवम्बर तक शिविर लगाकर किसानों की परेशानियां सुनी जाएगी। इसके लिए सभी किसानों को सूचना भेजी जा चुकी है। सूखखेड़ी के निकट खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। पाइप लाइन का कार्य इसी माह शुरू कर दिया जाएगा। इस नहर में करीब 118.42 हैक्टेयर निजी भूमि आएगी। नहर में 33 डिगिया बनाई जाएगी!
नहरों में पचास जगह लिफ्ट करेंगे पानी-
परियोजना के लाभान्वित क्षेत्रों में पानी पहुंचाने के लिए दोनों नहरों पर 50 से अधिक लिफ्टें लगाई जाएंगी। इनमें दायीं मुख्य नहर में लगभग 32 व बायीं मुख्य नहर में 18 से अधिक लिफ्ट लगाई जाएंगी।
बाईं मुख्य नहर सुख बरेडी गांव के निकट खुदाई का कार्य शुरू कर दिया गया है 18 में से 11 गांव का मुआवजा करीब 50 करोड़ रुपए बनेगा। अवार्ड पारित करने के लिए 20 अक्टूबर से 9 नवंबर तक जनसुनवाई शिविर लगाए जाएंगे।
चंद्रशेखर मीणा एईन, बाईं मुख्य नहर परवन सिंचाई परियोजना।
दाईं मुख्य नहर में आने वाली जमीन का धारा 19 का पब्लिकेशन पूर्ण कर लियागया है, अवार्ड करीब 150-175 करोड़ बनेगा। कैनाल पर 33 डिग्गियां बनेगी जिसमें से 15 डिग्गियां के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
राधामोहन शर्मा, अधीशाषी अभियंता परवन सिंचाई परियोजना।