बारिश और टॉयलेट का पानी,संक्रमण का खतरा बढ़ा -हर वर्ष का यही हाल, स्थायी समाधान के नहीं कर रहे प्रयास
सोनोग्राफी रूम से लेकर लैबर रूम में पानी ही पानी
हीरा कुंवर बा जनाना चिकित्सालय के सोनोग्राफी रूम से लेकर लेबर रूम तक पानी भर जाने से गर्भवती महिलाओं के पैर फिसलने का खतरा बना हुआ है। बारिश बंद होने के बाद भी एक बजे तक पानी को साफ नहीं किया गया। बहुत देर बाद अधीक्षक के आने के बाद पानी को साफ करवाया गया, लेकिन वो भी लंबे तक नहीं सूखा। ऐसे में यहां महिलाओं के फिसलने का डर बना रहा।
हर बार की परेशानी-
जनाना चिकित्सालय में हर वर्ष यही परेशानी आती है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या का समाधान निकलने की बजाए एसी रूम से बाहर नहीं आते हैं। ऐसे में मरीजों में संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ जाता है। जनाना चिकित्सालय में जब ये हालात बने उस समय करीब 35 महिलाएं भर्ती थी,जिनमें से करीब तीन महिलाओं के सीजेरियन ऑपरेशन होना था, लेकिन उन्हे भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो घंटे बैठे रहे
जब पानी लेबर रूम से नहीं निकला तब तक किसी भी कर्मचारी ने काम नहीं किया। डॉक्टरों ने भी राउंड नहीं किया ऐसे में जिन गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी होने वाली थी, उन्हे भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं नाइट स्टाफ ने सिर पर व पैरों में थैलियां पहनकर बड़ी मुश्किल से काम किया।
सही करवाएंगे-
जनाना में बारिश का पानी लेबर रूम तक आ गया तो क्या कारण रहा पता कर सही कराएंगे, आगे से ऐसी परेशानी नहीं होगी।
डॉ.संजय पोरवाल, अधीक्षक जनाना, चिकित्साल