जिले में चल रही जिला स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। पहले से स्वीमिंग पूल की तैयारी नहीं होने से शिक्षा विभाग ने सोमवार को आनन-फानन में यह प्रतियोगिता झालावाड़ के नया तालाब में ही करवा दी गई।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क/झालावाड़. जिले में चल रही जिला स्तरीय तैराकी प्रतियोगिता में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। पहले से स्वीमिंग पूल की तैयारी नहीं होने से शिक्षा विभाग ने सोमवार को आनन-फानन में यह प्रतियोगिता झालावाड़ के नया तालाब में ही करवा दी गई। तालाब में गंदे और मटमैले पानी को देखकर कई बच्चों ने स्पर्धा में भाग ही नहीं लिया। प्रतियोगिता में जिले के 90 बच्चे शामिल हुए।
स्वीमिंग पूल की जगह तालाब में प्रतियोगिता कराने से बच्चों की जान को खतरा बना रहा। तालाब में अधिक गहराई के साथ ही गंदगी भी पसरी रहती है। तालाब में देवी-देवताओं की मूर्तियों के विसर्जन के कारण उसमें लगी बांस-बल्लियां भी बिखरी हुई है। यहां प्रतियोगिता शुरू कराने से पहले शिक्षकों को कम गहराई देखकर पानी में उतरना पड़ा और उनके बीच में ही बच्चों को तैराया गया।
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पहले नहीं चेते
तैराकी प्रतियोगिता स्वीमिंग पूल में करानी होती है। झालावाड़ शहर में खेल संकुल में स्वीमिंग पूल बना हुआ है। इसके अलावा एक निजी विद्यालय में भी स्वीमिंग पूल है। यहां पहले भी प्रतियोगिताएं आयोजित हो चुकी है, लेकिन इस बार विभाग की ओर से पूर्व तैयारी नहीं होने के कारण व्यवस्था बिगड़ गई और आनन-फानन में तालाब में ही प्रतियोगिता करानी पड़ी।
खेल संकुल का स्वीमिंग पूल में लीकेज बताया है। निजी स्कूल का स्वीमिंग पूल भी बंद था। ऐसे में तालाब में प्रतियोगिता करवाई है।
मोहनलाल मीणा, जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, झालावाड़