सोशल मीडिया के दौर में एक पल में सूचनाएं इधर-उधर हो जाती है। कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग अफवाह और गलतफहमी फैलाने के लिए करते हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या वीडियो डालने से माहौल खराब हो जाता है। जब भी किसी जगह तनाव की स्थिति बनती है तो प्रशासन का पहला फोकस ही सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फैले, इसलिए नेटबंदी पर रहता है।
झालावाड़. सोशल मीडिया के दौर में एक पल में सूचनाएं इधर-उधर हो जाती है। कुछ शरारती तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग अफवाह और गलतफहमी फैलाने के लिए करते हैं। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या वीडियो डालने से माहौल खराब हो जाता है। जब भी किसी जगह तनाव की स्थिति बनती है तो प्रशासन का पहला फोकस ही सोशल मीडिया पर अफवाह नहीं फैले, इसलिए नेटबंदी पर रहता है। तीन दिन पहले झालावाड़ जिले के गंगधार में हुए तनाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस-प्रशासन ने सबसे पहले तत्काल नेटबंदी का निर्णय किया था। हालांकि नेटबंदी से ऑनलाइन काम करने वालों को खासी परेशानी हुई।हाड़ौती में पिछले एक साल की बड़ी घटनाओं पर नजर डाले तो पता चलता है कि पुलिस और प्रशासन ने अफवाहों को नियंत्रित करने के लिए नेटबंदी को हथियार बनाया है। पिछले दिनों बारां जिले के छबड़ा कस्बे में हुए उपद्रव के दौरान तो एक सप्ताह से अधिक समय तक नेटबंदी की गई। बारां में एक युवक की हत्या के बाद भी प्रशासन ने नेटबंदी को ही हथियार बनाया है।
नेटबंदी का बेजा फायदा उठाया
गंगधार में तनाव के बाद नेटबंदी का असर इंद्रा रसोई योजना पर भी देखने को मिला। भवानीमंडी के आश्रय स्थल पर संचालित इंद्रा रसोई में लोगों से खाने के 8 रुपए की जगह 20 रुपए वसूले गए। इंद्रा रसोई पर खाना लेने आए दुर्गा शंकर, भोलाराम लुहार एवं अनुराग ने बताया कि उनसे इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण टोकन नहीं कटने की बात कहते हुए खाने की थाली के 8 रुपए की जगह 20 रुपए वसूले गए। हालांकि अधिक राशि वसूल करने का मामला सामने आने के बाद दोषी कर्मचारियों को हटा दिया गया।
ऑनलाइन कामकाज रहा ठप
झालावाड़ जिले के तीन उपखण्ड क्षेत्र गंगधार, भवानीमंडी तथा पिड़ावा में 19 जुलाई की रात को ही संभागीय आयुक्त ने आदेश जारी कर इंटरनेट सेवाएं स्थगित कर दी थी, जो 23 जुलाई तक बंद रहेगी। इस का असर यह रहा कि बैंकों में ऑनलाइन कामकाज नहीं हो पाया। ई मित्र केन्द्रों पर भी तमाम तरह का ऑनलाइन काम बंद रहा। इसके अलावा सरकारी विभागों में भी ऑनलाइन काम नहीं हो पाया। करदाता ऑनलाइन टैक्स जमा नहीं करवा पाए। इन दिनों आयकर रिटर्न भरने का काम चल रहा है। क्षेत्र के सीए रिटर्न तक दाखिल नहीं कर पाए हैं। नेटबंदी से आम आदमी खासे परेशान होते हैं।
जरूरी थी इंटरनेट सेवाएं बंद करवाना
झालावाड़ जिला कलक्टर हरिमोहन मीणा का कहना है कि गंगधार वाले मामले में भी सोशल मीडिया पर भड़काऊ व गोली मारने की फेक पोस्ट डालने से ही अफवाह फैली थी। अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करना जरूरी है। संभागीय आयुक्त से आग्रह कर तीन उपखण्डों में 23 जुलाई तक इंटरनेट सेवाएं बंद करवाई गई है।