Operation Mule Hunter: आरोपी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे। इस मामले में पहले भी 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Cyber Crime: बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत भवानीमंडी पुलिस ने बैंक खाते खरीदने-बेचने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी म्यूल खातों के जरिए करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे। इस मामले में पहले भी 3 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि भवानीमंडी थाने के सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह को सूचना मिली थी कि यस बैंक की स्थानीय शाखा का एक खाता म्यूल अकाउंट के रूप में उपयोग हो रहा है। इस खाते के माध्यम से बड़े स्तर पर साइबर ठगी की जा रही थी।
जांच में सामने आया कि यह खाता झालावाड़ के खंडिया निवासी अजय वर्मा के नाम से संचालित हो रहा था। इसके आधार पर पुलिस ने बीएनएस 2023 और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने अजय वर्मा के साथ-साथ इस खाते को खरीदने वाले अकलेरा के मोरेली निवासी अरविन्द मीणा और मुंडेरी निवासी राजकुमार मेघवाल को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में कई अन्य संदिग्ध खातों और गिरोह के सदस्यों की जानकारी भी मिली है। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की गहन जांच जारी है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी राजकुमार मेघवाल के कब्जे से 2 एटीएम कार्ड, 5 पासबुक, 1 लैपटॉप और 39,000 रुपए नकद बरामद किए। वहीं आरोपी अरविन्द मीणा के पास से 1 बैंक पासबुक, 1 लैपटॉप और 8,500 रुपए जब्त किए गए। कुल मिलाकर 47,500 रुपए की ठगी राशि बरामद की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है, जिससे और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। आशंका है कि इन खातों के जरिए कई राज्यों में साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है और बैंक खातों के लेनदेन की भी विस्तृत पड़ताल जारी है।
एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिले में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सभी थानों को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। म्यूल खाताधारकों और साइबर अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है।