झालावाड़

अब जिले में ‘अंतराÓ करेगा आबादी नियंत्रण का काम

- प्रथम चरण में 500 इंजेक्शन का होगा वितरण- जिले में मेडिकल कॉलेज सहित पांच सीएचसी में होगा वितरण
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Now the district will have 'intercepted' population control work
अब जिले में 'अंतराÓ करेगा आबादी नियंत्रण का काम


झालावाड़. हरिसिंह गुर्जर. जिले में जनसंख्या नियत्रंण के लिए अब 'अंतराÓ इंजेक्शन का प्रयोग किया जाएगा। यह इंजेक्शन उन्हीं सेंटरों पर दिया जाएगा जहां डिलेवरी अधिक होती है। यह इंजेक्शन प्रथम चरण में जिले के मेडिकल कॉलेज सहित अकलेरा, खानपुर, सारोला व भवानीमंडी सीएचसी केन्द्रों पर उपलब्ध रहेगा। वहीं अंतरा इंजेक्शन लगाने का पूरा डाटा ऑनलाइन रहेगा। इसके लिए विभाग द्वारा एक सॉफ्टवेयर बनाया गया है। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रारंभ किया गया'अंतराÓ इंजेक्शन अब जिले सहित ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं व युवतियों को भी उपलब्ध हो सकेगा।
इतनी संख्या में होगा वितरण-
झालावाड़ जिले को नॉन एमपीए जिले में शामिल किया गया है। जिले में मेडिकल कॉलेज सहित अकलेरा, खानपुर, सारोला, भवानीमंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर यह व्यवस्था लागू होगी। प्रथम चरण में यहां 100-100 इंजेक्शनों का वितरण किया जाएगा। 'अंतराÓ इंजेक्शन महिलाओं को इन पंाचों स्थानों पर नि:शुल्क लगाया जाएगा।
इन्हे दिया प्रशिक्षण-
जिले में इंजेक्शन लगाने के लिए महिला चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें डॉ. मंजू अग्रवाल व शालिनी राठौर को इंजेक्शन कब लगाना है, कैसे लगाना है, किस के लगाने आदि का पूरा प्रशिक्षण दिया गया है। यह इंजेक्शन माहवारी समाप्त होने के बाद किसी भी महिला को 3-3 माह के गेप में चार बार लगने होंगे। इसके बाद उस महिला के 3 साल तक कोई बच्चा नहीं होगा। तीन साल बाद महिला गर्भवती हो जाएगी।
जांच के बाद ही लगाया जाएगा-
आबादी नियंत्रण का नया इंजेक्शन उन्हीं महिलाओं को लगाया जाएगा जिनके एक या दो ही बच्चे हैं। इजेक्शन लगाने से पहले मेडिकल अधिकारी द्वारा महिला की जांच की जाएगी। जांच सही पाए जाने पर ही महिला को लगाया जाएगा।
ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग-
इस प्रोजेक्ट की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें सॉफ्टवेयर के माध्यम से मैसेज आएंगे। इससे प्रथम डोज कब व द्वितीय डोज कब दिया आदि का पता चल जाएगा। इसके अलावा इसमें गेपपूर्ति का सॉफ्टेवयर बनाया जा रहा है। इसके आने के बाद मोबाइल पर पूरी जानकारी स्वयं महिला को भी मिल जाएगी। इसका सारा रिकॉड ऑनलाइन संधारण किया जाएगा।
कोई साइड इफेक्ट नहीं-
यह परिवार नियोजन का बहुत ही साधारण तरीका है। जिस महिला ने बच्चे को जन्म दिया, उसके 4 सप्ताह बाद इंजेक्शन लगा सकते हैं। इस इंजेक्शन से कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
डॉ. एमएल, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, परिवार कल्याण, झालावाड़।

Updated on:
19 Jul 2018 12:53 pm
Published on:
19 Jul 2018 12:53 pm