झालावाड़

अब अमृत योजना में सेंसर बताएगा कितना है टंकियों में पानी

- जलदाय विभाग में पूरी तरह से लागू होगा ऑनलाइन सिस्टम- स्कड़ा सेंटर से होगा पूरा सिस्टम कंट्रोल
2 min read
Now the sensor will tell how much water is in tanks
employees-are-not-serious-workers-remain-absent-from-around-tanks


झालावाड़.आधुनिक तकनीक के दौर में हर कोई इसका लाभ उठा रहा है। अभी तक निजी क्षेत्र में काम हो रहे थे, लेकिन अब सरकारी तंत्र भी नेटवर्किंग तरंगों की ओर कदम बढ़ाता जा रहा है। जिले के शिक्षा विभाग सहित कई विभागों के काम-काज कम्प्यूटराइज्ड होने लगे, तो अब जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में भी ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की जा रही है।
जिले में अमृत योजना के तहत बन रही पानी की टंकियों का पूरा काम ऑनलाइन होगा। विभाग की ओर से टंकियों में पेयजल की उपलब्धता जांच व शिकायतों के निस्तारण की ऑनलाइन व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्कड़ा सेंटर व कंज्यूमर केयर सेंटर शुरू होगा। इसके लिए जिला मुख्यालय पर बालजी की छतरी स्थित कार्यालय में सेंटर के लिए भवन भी बन रहा है।
भवन का काम पूरा होने के बाद यहां पूरा सिस्टम लगाया जाएगा, इससे एक स्थान पर बैठे-बैठे ही अधिकारियों को छह टंकियों में पानी की उपलब्धता का पता लग जाएगा।


ऐसे चलेगा पानी का पता-
जानकारों ने बताया कि जिला मुख्यालय पर बन रही पेयजल टंकियों में पानी की उपलब्धता जांचने के लिए टंकियों पर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगाए जाएंगे। इनसे पता लगेगा कि पेयजल सप्लाई के बाद टंकी में कितना पानी शेष बचा है। टंकी में पानी का स्तर कितना है, कितना पानी और भरने की आवश्यकता है। इस तरह की जानकारी सेंसर के माध्यम से स्कड़ा सेंटर पर लगे कम्प्यूटर में फीड होगी। इसके लिए बालजी की छतरी के यहां विभाग के परिसर में यह सेंटर बनाया जा रहा है।

शिकायतों का होगा निस्तारण-
जलदाय विभाग की ओर से उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए एक कंज्यूमर केयर सेंटर की सुविधा भी महुैया करवाई जाएगी। इसके लिए उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाएंगे। इन नम्बरों पर विद्युत वितरण निगम व आपातकालीन सेवा की 108 एम्बुलेंस की तर्ज पर ही ऑनलाइन शिकायत दर्ज होगी। शिकायतों को रजिस्टर्ड करने के बाद कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंचेंगी तथा दूषित जलापूर्ति व लाइनों में रिसाव आदि की शिकायतों का तत्काल निस्तारण किया जाएगा।

यहां बन रही नई टंकिया-
-केजीएन कॉलेज के पीछे
-पीजी कॉलेज के पीछे कुम्हार मोहल्ले में
- रीको आद्यौगिक क्षेत्र कोटा रोड
- पुरानी जेल के पीछे
- खंडिया कॉलोनी में
- गढ़ भवन परिसर में


ये बोले अधिकारी-
अमृत योजना के तहत शहर में एक कम्प्यूटर सेंटर बन रहा है। इससे पूरे शहर की टंकियों को जोड़ा जाएगा। एक ही स्थान पर बैठे-बैठे पूरा सिस्टम कंट्रोल हो जाएगा। कौन सी टंकी कितनी भरी कितनी खाली है आदि का पता चल जाएगा।
पुरूषोत्तम सिंघल, अधीशाषी अभियंता, झालावाड़।

Published on:
25 Mar 2019 11:06 am