
झालावाड़। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो फिर इंसान किस पर विश्वास करें। झालावाड़ जिले में एक पुलिसवाले ने ऐसा ही कारनामा कर दिया। जिससे पुलिस के इस कथन कि 'आमजन में विश्वास व अपराधियों में भय' पर सोचने के लिए आमजन की पुलिस की वर्दी व छवि पर अंगुली उठ गई। इस पुलिसकर्मी ने अपनी प्रेमिका के पति को अपने साथियों के साथ मिल कर रास्ते से हटा दिया और बात खुलने के डर से फरार हो गया। पुलिस ने उसके एक साथी को गिरफ्तार कर बुधवार को वारदात का खुलासा किया।
जिला पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने बताया कि गत 14 अप्रेल को दिल्ली के आईबी ऑफिसर चेतन प्रकाश गलाना का शव संदिग्ध अवस्था में सदर थाना क्षेत्र के रलायता रेलवे पुलिया के निकट मिला था। मृतक का ससुराल आवासन मंडल झालावाड़ में है। उसकी पत्नी सरकारी अध्यापिका है। शव मिलने के बाद मृतक के पिता रामगंजमंडी निवासी महादेव मीणा ने न्यायालय में उसके पुत्र की सुनियोजित तरीके से षडयंत्र रचाकर साजिशन हत्या होने सम्बंधी इस्तगासा प्रस्तुत किया था इस पर पुलिस की विशेष टीम ने अनुसंधान कर किया तो सामने आया कि भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो झालावाड़ में कार्यरत मंगलपुरा निवासी कानिस्टेबल प्रवीण राठौर पुत्र रमेशचंद राठौर ने अपने साथियों के मिल कर हत्या कारित की है।
मृतक के पिता ने दी रिपोर्ट
मृतक के पिता ने गत दिनो कोतवाली में इस्तगासे में माध्यम से दी रिपोर्ट में बताया कि एसीबी में कॉनिस्टेबल प्रवीण राठौर व उसके साथी शाकीर, शाहरूख व फरीद ने योजना बनाकर मेरे बेटे की हत्या की है। इसमें मेरी पुत्रवधु अनीता मीणा के भी अपराध में शामिल होने का पता चला है। कोतवाली पुलिस ने पांचों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हत्या का कारण आया सामने
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अनुसंधान में सामने आया कि मृतक की पत्नी अनीता मीणा व प्रवीण राठौर के मध्य लम्बे समय से अवैध सम्बंध थे। इन सम्बंधों को छुपाने के लिए प्रवीण ने अनीता को राखी बहन बना रखा था। उसने अनीता को आवासन मंडल में 35 लाख रुपए में मकान भी दिलवाया था। मृतक के पिता ने प्रवीण को घर आने जाने के लिए मना कर रखा था। इस बात को लेकर मृतक व उसकी पत्नी में झगड़ा भी हुआ था। लेकिन फिर भी दोनो के बीच निरंतर सम्पर्क बना रहा। इस बात को लेकर मृतक चेतन व प्रवीण के बीच भी झगड़ा हुआ था। अनीता व प्रवीण के मध्य सम्बंधों में बाधा बन रहे चेतन प्रकाश को रास्ते से हटाने का निर्णय किया गया।
पकड़ में आया साथी
पुलिस की विशेष टीम नेें झालावाड़ के तोपखाना मस्जिद के निकट रहने वाले शाहरुख पुत्र वाहिद को गागरोन रोड़ से मंगलवार को पकड़ा व पूछताछ में उसने हत्या की वारदात स्वीकार कर ली। उसने बताया कि वह आरटीओ में एजेंट है, प्रवीण राठौर से गाडिय़ों को बेचने-खरीदने के दौरान दोस्ती हो गई थी। दिसम्बर 2017 में प्रवीण ने उससे दिल्ली में रहने वाले चेतन की हत्या करने व बदले में तीन लाख रुपए देने को कहा था। इस पर उसने खारी बावड़ी निवासी प्रिंस पुत्र जुल्फीकार व तोपखाना मस्जिद निवासी फरहान पुत्र अब्दुल मजीद को भी सम्मिलित कर लिया।
ऐसे दिया हत्या को अंजाम
प्रवीण राठौर ने अपने साथियों के साथ 14 फरवरी को होटल कृष्णा पेलेस के निकट योजना बनाई कि चेतन मीणा रामगंजमंडी से शाम वाली ट्रेन से आ रहा है। उसका रेलवे स्टेशन से अपहरण कर केटामाईन इन्जेक्शन के ओवरडोज देकर हत्या करनी है। चेतन मीणा जब ट्रेन से उतर कर जब घर जा रहा था तो प्रवीण राठौर व उसके साथियों ने उसका कार में अपहरण कर लिया। उसे आकाशवाणी के पीछे एकांत जंगल में ले गए। इस दौरान चेतन मीणा व प्रवीण राठौर के बीच अनीता को लेकर नोकझोक भी हुई। इस दौरान प्रवीण का इशारा पाकर प्रिंस व शाहरुख ने चेतन के दोनो हाथ पकड़ लिए व प्रवीण ने केटामाईन के दो हेवी डोज इंजेक्शन निकाल कर चेतन की जांघ पर लगा दिए व नाक दबा दी। इससे कुछ ही देर में चेतन की मृत्यु हो गई। इसके बाद शव को रेलवे पुलिया के निकट पटक कर झालावाड़ आ गए।
कई बार की हत्या की कोशिश
मृतक चेतन मीणा आईबी ऑफिस दिल्ली में सहायक आसूचना तकनिकी अधिकारी के पद पर कार्यरत था वह महिने में दो बार आता था। बदमाशों ने रेकी कर पता किया कि 25 दिसम्बर 2017 को ट्रेन से दिल्ली लौटेगा,इस पर उसका ट्रेन में पीछा किया लेकिन सर्दी के कारण मूंह ढके चेतन को पहचान नही पाए व वापस आ गए। इसे बाद 4 जनवरी 2018 को रामगंज मड़ी से झालावाड़ आते समय एक्सीडेट करने की साजिश रची गई। इसमें तोपखाना मस्जिद निवासी ट्रक ड्राईवर शाकिर पुत्र सलीम को 20 हजार रुपए देकर योजना में शामिल किया गया। इस दौरान शाकिर को प्रवीण द्वारा उपलब्ध कराए ट्रक से चेतन की स्कूटी को टक्कर मारनी थी लेकिन सुकेत के निकट ऐन वक्त पर ट्रक का प्रेशर नही बन सका व चेतन बच गया। दूसरे दिन रामगंज मंड़ी लौटते हुए चेतन की स्कूटी को शाकिर ने पीछा कर झिरनिया घाटी में टक्कर मारी जिससे स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई लेकिन फिर भी चेतन बच गया। इसके बाद 22 जनवरी को योजना के मुताबिक बदमाश चेतन को मारने दिल्ली में उसके निवास गुरुतेग बहादुर सिंह नगर स्थित निरंकारी कॉलोनी में भी गए लेकिन वहां कैमरे लगे होने के कारण वारदात को अंजाम नही दे सकें।
पिता का दर्द
मृतक के पिता महावीर मीणा ने बताया कि पुलिस को सबसे पहले मुख्य आरोपी प्रवीण व चेतन की पत्नी अनीता को पकडऩा चाहिए क्योकि इन दोनो की वजह से उनके बेटे की जान गई है। उन्हे न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है वह चाहते है कि जल्दी से जल्दी उनके बेटे के हत्यारों को कडी से कड़ी सजा मिले ताकि समाज में फैल रहे अनैतिक कार्य करने वाला का काला चेहरा उजागर हो व कोई ऐसा कार्य करने से पहले सोचे।
विभाग करेगा कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कांस्टेबल प्रवीण गत 16 जून से घर व ऑफिस से गायब है लेकिन अपराधी ज्यादा दिनो तक पुलिस से दूर नही रह सकता है। प्रवीण के खिलाफ भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरों की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सामने आएंगे और भी खुलासे
इस वारदात में यह प्रश्न भी सामने आ रहा है कि प्रवीण को केटामाईन इंजेक्शन किसने उपलब्ध करवाया व लगाना आदि सिखाया क्योकि इसमें किसी मेडिकल लाईन के आदमी का भी हाथ होने इंकार नही किया जा सकता है। यह सब खुलासे प्रवीण की गिरफ्तारी के बाद होगें।