झालावाड़

ट्रक मालिक की हत्या के आरोपी को 18 साल बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

    - अकलेरा का है ट्रक मालिक
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Police officer arrested for 18 years in the murder of truck owner
ट्रक मालिक की हत्या के आरोपी को 18 साल बाद पुलिस ने किया गिरफ्तार

झालावाड़.अकलेरा निवासी एक ट्रक मालिक की उसके ही चालक व खलासी द्वारा की गई हत्या के आरोपी को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। वृत निरीक्षक हेमन्त गौत्तम ने बताया कि सन 2000 में अकलेरा निवासी ट्रक मालिक तंवर सिंह राजपूत ट्रक चालक मंगू उर्फ अब्दुल सलीम जाति मुसलमान व हेल्पर प्रेमचन्द बागरी निवासी अकलेरा के साथ तिरुवल्लुर पुलिस थाना सिपकौर तमिलनाडु में तीन लाख 50 हजार रूपए लेकर टायर व बैट्री के सामान खरीदने चैन्नई जा रहे थे। इसी दौरान चालक व हेल्पर ने रुपए व ट्रक हड़पने की नियत से दोनों ने मिलकर ट्रक में ही तंवरसिंह की धारधार हथियार से हत्या कर दी। और सिपकौर पुलिस थाने की सीमा में ही फैंककर ऑयल डालकर जलाकर सबूत नष्ट कर तीन लाख 50 हजार रुपए व ट्रक लेकर फरार हो गए थे। जिस पर सिपकौर पुलिस द्वारा दोनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया था। तथा हेल्पर प्रेमचन्द को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। चालक मंगू उर्फ अब्दुल सलीम की पुलिस ने काफी तलाशी की लेकिन चालक तभी से फरार चल रहा था। जिसे सोमवार को सिपकौर पुलिस व झालावाड़ कोतवाली पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

नाम बदल कर काट रहा था फरारी-
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी मंगू मुसलमान अपना नाम बदल कर अन्य राज्यों में भी फरारी काट चुका है। वह ट्रक चलाता था आधे समय इधर-उधर रहता था। इसलिए अभी तक पकड़ में नहीं आया। सोमवार को कालीदास कॉलोनी से उसके घर से पुलिस ने उसे दबीश देकर गिरफ्तार कर लिया है।
यह थे टीम में शामिल-
गिरफ्तार करने वाली टीम में सिपकौर थाने के उप निरीक्षक संधीयल मुर्गन, सहायक उपनिरीक्षक अब्दुल कादर, शबाब बदी व झालावाड़ कोतवाली थाने के एसआई नैनूराम, कांस्टेबल राजेश स्वामी, रामरतन, भीमसिंह, नाथूलाल, सत्यवीर सिंह, श्यामसिंह, रमेशचन्द, मीठालाल, अनिल कुमार, आशीष आदि मौजूद थे।

लगातार गिर रहा जलस्तर, जिम्मेदारों का नहीं ध्यान
- जिले में प्री मानसून में जलस्तर करीब 11 मीटर नीचे पहुंचा
- इस बार मानसून नहीं दे रहा साथ एक सप्ताह ही हुई अच्छी बारिश
1. झालावाड़.जिले में प्रति वर्ष जल स्तर नीचे जाता जा रहा है। अभी नहीं संभले तो वह दिन दूर नहीं जब पानी के लिए हाय तोबा मच सकती है। जिले में एमजेएस के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हालांकि जल संरचनाए बनाई जा रही है, लेकिन शहरों में भी वर्षा जल को सहने की महती आवश्यकता है। सरकार ने भले ही वर्षा जल को सहजने के लिए उद्योगों, सरकारी भवनों व घरों पर वाटर हार्वेस्टिंग बनवाना ही अनिवार्य कर रखा हो। इसबार प्री मानसून सर्वे में जिले का जलस्तर 11.09 मीटर नीचे आया है।

Published on:
06 Aug 2018 07:19 pm