
झालावाड़: पिछले डेढ़ महीने से जिले में अपराधियों को नेस्तनाबूद करने में जुटी पुलिस ने बुधवार रात को प्रदेश में अपनी तरह की पहली बड़ी कार्रवाई की। विद्युत विभाग के साथ मिलकर पुलिस ने मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक जिले में 660 अपराधियों के घरों और फार्म हाउस पर दबिश दी।
बता दें कि इनमें से 371 अपराधियों के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई। उन पर कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपए जुर्माना किया गया। इनमें से अधिकांश आंकड़े डालकर बिजली का उपयोग कर रहे थे। वहीं, अन्य लोगों ने कनेक्शन में कट लगाकर चोरी कर रहे थे। माना जा रहा है कि प्रदेश के साथ देश में भी एक साथ इतने अपराधियों के खिलाफ बिजली चोरी पकड़ने की यह पहली कार्रवाई है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार और जयपुर विद्युत वितरण निगम (जेवीएनएल) के अधीक्षण अभियंता विशम्भर सहाय ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जिले में अपराधियों के मकानों और फार्म हाउस में बिजली चोरी की सूचनाएं मिल रही थी। इस पर जेवीएनएल की प्रबंध निदेशक आरती डोगरा के निर्देशन में पुलिस और विद्युत निगम की टीम ने आपरेशन ऊर्जा प्रहार की योजना बनाई गई।
इस योजना के तहत 48 टीमें बनाई गई। इनमें एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 8 उप अधीक्षक, 27 थानाधिकारियों, विद्युत निगम के अधिशासी, सहायक और कनिष्ठ अभियन्ता समेत 520 कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कार्रवाई के लिए चार तरह के 660 अपराधी चिन्हित किए गए थे। इनमें हिस्ट्रीशीटर, हार्डकोर, मादक पदार्थ तस्कर और सक्रिय अपराधी शामिल है। सक्रिय अपराधी में ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया, जिनके खिलाफ पांच से ज्यादा प्रकरण दर्ज है। उसने एक साल में कोई अपराध किया हों। इन सभी के खिलाफ 9 हजार से ज्यादा विभिन्न तरह के आपराधिक प्रकरण दर्ज है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इन अपराधियों के बिजली चोरी से विद्युत वितरण निगम को भारी नुकसान हो रहा था। दो विभागों की संयुक्त कार्रवाई में पूरी गोपनीयता रही। किसी भी तरह की कार्रवाई की सूचना लीक नहीं हुई।
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियन्ता विशम्भर सहाय ने बताया कि पहले भी निगम की विजलेंस टीम कार्रवाई करती रही है, लेकिन अपराधियों तक नहीं पहुंच पा रही थी। इस बार भारी पुलिस बल साथ होने और दोनों के बीच समन्वय से एक साथ इतनी बड़ी कार्रवाई हो पाई। भविष्य में भी निगम पुलिस की मदद से बिजली चोरों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई करता रहेगा।
कार्रवाई के लिए जयपुर विद्युत वितरण निगम मुख्यालय ने कोटा और बारां से 12 अधिशासी और सहायक अभियन्ता झालावाड़ भेजे। जिन्होंने जिले के विभिन्न हिस्सों में कार्रवाई को अंजाम दिया। पूरी कार्रवाई को निगम ने सात जोन में बांटा था।
झालावाड़ पुलिस पूर्व में की गई कार्रवाई के तहत कई अपराधियों के जहां करोड़ों के अवैध निर्माण कार्य तोड़े, वहीं कइयों से बड़ी मात्रा में नकद राशि भी जब्त की।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भवानी मंडी में अपराधी मनसब अली के यहां दबिश दी गई तो उसके अवैध कनेक्शन के जरिए पानी का आरओ प्लांट चलता मिला। उस पर 66 हजार रुपए जुर्माना किया गया। राजपासा में निरूद्ध किए गए झालरापाटन निवासी सागर कुरैशी के घर में चोरी की बिजली से तीन एसी चलते मिले। उसके परिजनों पर 85 हजार रुपए जुर्माना किया गया।
पिड़ावा थाने के दिलावरा निवासी हिस्ट्रीशीटर अकरम पुत्र नन्ने खान के दो मकानों में अवैध रुप से बिजली चोरी पकड़ी गई। इसी थाना के एक अन्य हिस्ट्रीशीटर अशफाक रूर्फ अकरम पुत्र मुन्ना खान के तीन आलीशान मकान और 6 दुकानों में अवैध कनेक्शन और लोड से अधिक बिजली का उपयोग करना पकड़ा गया।
इन टीमों ने मंगलवार रात बारह बजे से बुधवार सुबह दस बजे तक जिले के सभी थाना इलाकों में चिन्हित 660 अपराधियों के घरों और फार्म हाउसों पर दबिश दी। करीब दस घंटे तक चले अभियान के दौरान 371 के यहां बिजली चोरी पकड़ी गई। सभी के खिलाफ विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत कुल 1 करोड़ 20 लाख रुपए जुर्माना किया गया। एक टीम ने औसतन 15 जगह कार्रवाई की।