झालावाड़

राजस्थान: 70 टीमें, 3 जिले और 30 गिरफ्तार, देश के सबसे बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश

Operation Shutterdown: झालावाड़ पुलिस ने ऑपरेशन शटरबंद में देश के पहले संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया। गिरोह सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर अपात्र खातों में पैसा ट्रांसफर करता था। 30 आरोपियों समेत 11 हजार संदिग्ध खाते, 52.69 लाख नकद, 29 वाहन और करोड़ों की संपत्ति जब्त हुई है।

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Oct 24, 2025
Jhalawar Police Operation Shutterdown
Jhalawar Police Operation Shutterdown (Patrika Photo)

Jhalawar Police Operation Shutterdown: झालावाड़ पुलिस ने देश में पहली बार एक ऐसे संगठित अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो केंद्र एवं राज्य सरकार की सामाजिक सुरक्षा और लोक कल्याणकारी योजनाओं में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा कर रहा था। गिरोह किसानों, पेंशनधारकों और आपदा पीड़ितों की सहायता की विभिन्न योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर पात्र और अपात्र की जगह उनके लिए म्यूल बैंक खातों में भुगतान उठा रहे थे।


झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने बताया कि झालावाड़, जयपुर ग्रामीण, दौसा और मध्यप्रदेश के राजगढ़ से गिरोह के 30 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ के आधार पर अब तक 11 हजार से अधिक संदिग्ध बैंक खाते चिन्हित किए। आरोपियों से पुलिस ने 52.69 लाख रुपए और 29 वाहन जब्त किए। नोट गिनने की मशीन भी बरामद हुई। गिरोह से करीब तीन करोड़ की संपत्ति बरामद की।


बड़ा फर्जीवाड़ा निकला


मनोहरथाना और दांगीपुरा इलाकों में की जांच में पता चला कि कुछ लोग अपात्र लोगों के बैंक खाते और पहचान दस्तावेज लेकर योजनाओं का पैसा उनके खातों में डलवा रहे हैं। ये योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर आवेदन तैयार करवाकर ऑनलाइन जमा कराते। उसके साथ बैंक खाता और मोबाइल डिटेल अपात्र व्यक्ति का देते। फिर योजना का पैसा अपात्र के खाते में डलवा देते। पात्र को उसका आवेदन लंबित होने या खारिज होने की बात कहते।


बांदीकुई का सरगना


गिरोह का मास्टरमाइंड दौसा का बांदीकुई निवासी रामावतार सैनी है। उसका नेटवर्क झालावाड़ के अकलेरा, मनोहरथाना, जयपुर ग्रामीण और दौसा तक फैला है। उसने अब तक करोड़ों रुपए ऐसे खातों में ट्रांसफर करवाए। उसमें से 50 से 75 प्रतिशत तक राशि गिरोह के सदस्यों के जरिए वसूल करता।


70 टीमों ने एक साथ छापे मारे


पुलिस ने मामले में झालावाड़ के साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की व ‘ऑपरेशन शटरबंद’ छापेमारी अभियान शुरू किया। साइबर ठगों के करीब तीन दर्जन स्थान चिन्हित किए। 70 टीमें बनाई गई। अभियान की निगरानी साइबर कंट्रोल रूम में पुलिस अधीक्षक ने की। एसपी ने बताया कि त्योहार पर लोग घरों में ही होते हैं। इसलिए कार्रवाई का समय बुधवार सुबह 6 बजे का चुना गया।


गिरोह से बरामद


संदिग्ध बैंक खाते 11000
नकद राशि 52.69 लाख
लग्जरी कार 13
बाइक 16
लैपटॉप-कंप्यूटर 35
प्रिंटर 16
नोट गिनने की मशीन 01
मोबाइल फोन 68
सिम कार्ड 193
फिंगर स्कैनर 19
एटीएम कार्ड 430
बैंक पासबुक 207
पहचान पत्र 560
खाता खोलने के फार्म 315
सील व मोहर 54
चेक बुक 96
पैन कार्ड 29
पासपोर्ट 04
राशन और जॉब कार्ड 12
स्वाइप मशीन 02
जन आधार कार्ड 132

Updated on:
24 Oct 2025 10:30 am
Published on:
24 Oct 2025 08:28 am