झालावाड़

सहकारी समितियों में लगेंगे आरओ प्लांट, जिम बनेंगे

जिले में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों का स्वरूप अब बदलने वाला है। जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब आरओ प्लांट तथा जिम, पुस्तकालय व सुपर मार्केट की सुविधाएं भी उपलब्ध हो पाएगी।
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RO plants and gym will be set up in cooperatives
सहकारी समितियों में लगेंगे आरओ प्लांट, जिम बनेंगे

झालावाड़. जिले में संचालित ग्राम सेवा सहकारी समितियों का स्वरूप अब बदलने वाला है। जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों में अब आरओ प्लांट तथा जिम, पुस्तकालय व सुपर मार्केट की सुविधाएं भी उपलब्ध हो पाएगी। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। ये कार्य होने के बाद ग्राम पंचायतों में भी शहरों की तरह ग्रामीणों को सुविधाएं मुहैया हो पाएगी।
यह होंगे काम
जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के लिए करीब 132 लाख की लागत से 11 गोदाम बनाए जाएंगे। 143 लाख की लागत से 41 ग्राम सेवा सहकारी समितियों में चारदीवारी, 248 लाख की लागत 71 शॉप एवं टॉयलेट, 5 सुपर मार्केट 30 लाख की लागत से बनाए जाएंगे। इसके अलावा 60 कम्प्यूटर, तिजोरी, इन्र्वटर तथा प्रत्येक समिति की स्थिति सुधारने के लिए मार्जिन मनी व शेयर केपिटल आदि पर खर्च होंगे।

कौलवी जीएसएस में 12 लाख की लागत से आरओ प्लांट लगाया जाएगा।
असनावर, पिड़ावा व मनोहरथाना जीएसएस में 6 लाख से जिम बनेगा।
कौलवी जीएसएस में 3.50 लाख की लागत से पुस्तकालय बनेगा।
झालावाड़-बारां जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में दूध की क्षमता बढ़ाने के लिए 20 लाख रुपए की लागत से एक मशीन स्थापित की जाएगी।
क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की स्थिति सुधारने के लिए 221 लाख रूपए के बजट का प्रावधान। भवानीमंंडी में आरओ प्लांट और खानपुर, भवानीमंडी व बकानी, गंगधार क्रय-विक्रय समितियों में जिम खोले जाएंगे।
भूमि विकास बैंक सुनेल, बकानी, अकलेरा कार्यालयों में 32.50 लाख रुपए की लागत से मरम्मत व निर्माण के कार्य होंगे।
मनोहरथाना स्थित झिरी हथकरघा समिति के कार्यालय निर्माण, बुनकरों के लिए ट्रेनिंग खर्च व मशीनरी के लिए 30 लाख रुपए का प्रावधान।
केन्द्रीय सहकारी बैंक में शेयर कैपिटल, फर्नीचर व डग शाखा भवन व झालरापाटन व पिड़ावा में मरम्मत के कार्य होंगे।

& जिले में ग्राम सेवा सहकारी समितियों की हालात में सुधार के लिए जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में लिए निर्णय अनुसार 4318 लाख रुपए की डीपीआर बनाई गई हैं। यह सभी कार्य पांच वर्षों में पूर्ण होंगे।
रविन्द्र राजपुरोहित, प्रबन्धक निदेशक, सहकारी समितियां, झालावाड़

Published on:
10 Jun 2018 01:30 pm