झालावाड़

सड़क हादसों में वृद्धि, शादी की खुशियां बन रहीं मातम:

अप्रैल का महीना, शादियों का सीजन और खुशियों के इस माहौल में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। देश भर में, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गई हैं।

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हरिसिंह गुर्जर

झालावाड़ अप्रैल का महीना, शादियों का सीजन और खुशियों के इस माहौल में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। देश भर में, खासकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे राज्यों में कई परिवारों की खुशियां मातम में बदल गई हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, केवल अप्रैल माह में शादी समारोहों के दौरान होने वाले हादसों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखी गई है। जिले में इन दिनों शादी के सीजन में बढ़ती सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं, खासकर अप्रैल माह में हादसों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे खुशियां मातम में बदल रही हैं। झालावाड़ जिले में शादी समारोहों में शामिल होने वाले लोग इन हादसों का अधिक शिकार हो रहे हैं। जिले में शादी के सीजन में बढ़ते सड़क हादसों के पीछे मुख्य रूप से नींद की कमी, ओवरस्पीडिंग और थकान-लापरवाही जैसे कारण सामने आ रहे हैं। लोग देर रात तक जागने के बाद बिना पर्याप्त आराम किए गाड़ी चलाकर लौटते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है। समय पर घर पहुंचने की जल्दबाजी में युवा तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जो जानलेवा साबित हो रही है। शराब पीकर वाहन चलाना भी हादसों का एक बड़ा कारण है। ऐसे में जिले में हर दूसरे दिन एक व्य​क्ति की मौत हो रही है। मार्च-अप्रेल माह में 35 से 40 के बीच सड़क दुर्घटनाएं हुई, जिनमें हर माह करीब 20 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

देशभर में अप्रैल माह के भयावह हादसे-


अप्रैल 2026 में शादी समारोहों से जुड़े हादसों में दर्जनों लोगों की जान गई। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में बस-ट्रक टक्कर में 6, महाराष्ट्र के भंडारा में कार दुर्घटना में 5, राजस्थान के चूरू में बोलेरो- डंपर भिड़ंत में 3 लोग जिंदा जल गए। गुजरात के वलसाड में पिकअप पलटने से 8 की मौत हुई और 40 घायल हुए। लापरवाही और ओवरस्पीडिंग इन मौतों का मुख्य कारण बनी।

दुर्घटनाओं के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए-

पहला-

नींद की कमी। लोग शादियों में देर रात तक जागते हैं और बिना पर्याप्त आराम के गाड़ी चलाते हैं, जिससे झपकी आने से संतुलन बिगड़ जाता है। पलभर में हादसा हो जाता है।


दूसरा-

ओवरस्पीडिंग। समय पर घर पहुंचने या अगले कार्यक्रम में शामिल होने की जल्दबाजी में युवा अक्सर तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं, जो जानलेवा साबित हो रही है।

तीसरा-

थकान और लापरवाही। लगातार सफर और शादी की भागदौड़ से शरीर थक जाता है, कई बार चालक शराब पीकर वाहन चलाता है, जिससे चालक की सजगता कम हो जाती है।

शादी-समारोह से लौटते समय इन्होने गंवाई जान-

केस एक-


रायपुर थाना क्षेत्र में 21 अप्रेल की रात को कालीतलाई गांव के समीप रात करीब साढ़े 11 बजे एक कार और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। जिसमें हनोतिया निवासी जगदीश दांगी (34) और कचराखेड़ी निवासी दुर्गालाल दांगी (48) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों रघुनाथपुर से शादी समारोह में शामिल होकर अपने गांव लौट रहे थे। दोनों वाहन तेज रफ्तार में थे।

केस दो-


15 अप्रेल को झालरापाटन निवासी जीवन गुर्जर (35) शाम को गांव भैंसोदा में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। देर रात जब वह वापस अपने घर लौट रहा था तभी गांव बोरदा के पास उसकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि वह बुरी तरह घायल हो गया। इलाज के दौरान मौत हो गई। कार की तेज स्पीड होने से अनियंत्रित हो गई।

केस तीन-


12 अप्रेल को भतीजे की शादी के लिए पिड़ावा से नोट की गड्डिया लेकर लौट रहे काका की आमने-सामने की बाइक ​भिंडत में मौत हो गई।धारूखेडी निवासी रामबाबू दांगी (35) पुत्र फूलचंद की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी बाइक सवार सरोनिया निवासी घायल जगदीश पुत्र शंकरलाल की इलाज के दौरान तीसरे दिन मौत हो गई। घटना में बाइक सवार की तेज स्पीड में थे।

2026 के दो माह का आंकड़ा

माह दुर्घटनाएं घायल मौत
मार्च 42 31 20
अप्रेल 36 26 19

2025 के तीन माह का आंकड़ा

माह दुर्घटनाएं घायल मौत
मार्च 38 36 19
अप्रेल 40 26 19


जिले में सड़क हादसों में पहले की बजाए काफी कमी आई है, फिर भी इन दिनों शादियों के सीजन में सड़क हादसे बढ़े हैं। इनकी वजह जानने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें हम देख रहे है कि किस समय हादसे ज्यादा हुए है। ताकि उस समय के लिए लोगों को जागरूक किया जा सके। लिंक रोड पर ज्यादा हादसे हो रहे है इसके इंजीनियरों से सलाह करेंगे। इन दिनों शादी समारोह चल रहे है तो तेज स्पीड के चालान भी बना रहे हैं। फिर भी लोगों को मेरी ओर से सलाह है कि आपको कहीं शादी समारोह में शामिल होना है तो एक-दो घंटा पहले निकले ताकि समय पर वहां पहुंच सके। रात को ही घर आने की बजाए अगले दिन पूरी नींद लेकर आए ताकि दुर्घटनाएं होने से बच सके।

अमित कुमार, पुलिस अधीक्षक, झालावाड़।

Published on:
25 Apr 2026 08:13 pm
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