झालावाड़

सीवरेज का काम चार साल देरी से, नालों का दूषित पानी जा रहा कालीसिंध नदी में

  . शहर में घरों से निकलने वाले अपशिष्ट पानी को सीवरेज के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचा कर शहर को साफ- सुथरा रखने की योजना समय से पूरी होती नजर नहीं आ रही है

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सीवरेज का काम चार साल देरी से, नालों का दूषित पानी जा रहा कालीसिंध नदी में


जहां नदी में नाले मिल रहे वहीं से हो रही शहर को जलापूर्ति

एक्सपोज

. शहर में घरों से निकलने वाले अपशिष्ट पानी को सीवरेज के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचा कर शहर को साफ- सुथरा रखने की योजना समय से पूरी होती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री भजनलाल भले ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर खूब जोर दे रहे हो, लेकिन झालावाड़ में योजना का मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है। शहर का गंदा पानी कालीसिंध नदी में पीपाजी दह के पास मिल रहा है, उसी जगह से शहर में जलापूर्ति के लिए पानी लिया जा रहा है। ऐसे में सीवरेज का मिला पानी शहर के लोगों की सेहत खराब भी कर सकता है। हालांकि उस पानी को जलदाय विभाग द्वारा शुद्ध करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन गत दिनों झालरापाटन की तरह कहीं लोगों की सेहत खराब हुई तो पछतावे के अलावा अधिकारियों के पास कोई उपाय नहीं होगा। ऐसे में समय रहते इस ओर ध्यान देने की जरूरत हैं।

शहर में सीवरेज का काम आरयूआईडीपी कर रहा है। उसने जिस कंपनी को टेंडर दिया था, उसने आरयूआईडीपी पर समय पर भुगतान नहीं करने को लेकर कोर्ट केस कर दिया है। हालांकि इसमें विभाग जीत गया तो शहर के मोटर गैराज पर आई हार्ड रॉक के चलते एक ही स्थान पर छह माह से काम अटका हुआ है। ऐसे में झालावाड़ व झालरापाटन शहर में सीवरेज का काम जून 2021 में पूरा होने वाला था, वह अब मार्च 2024 में ही पूर्ण होने की उम्मीद है।
स्वच्छता जैसे काम में हो रही देरी

सूत्रों ने बताया कि कंपनी के पैसे बकाया होने से कंपनी कोर्ट चली गई थी, हालांकि वहां कंपनी केस हार गई है, फिर से आरयूआईडीपी द्वारा दूसरी कंपनी को ठेका दिया गया है। इसके बाद कोरोना आ जाने से काम में देरी होती चली गई है। इससे काम चार साल पीछे चल रहा है। ऐसे में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से शहर के अपशिष्ट पानी को साफ करने का मकसद पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।

ऐसी स्थिति है प्रोजेक्ट की
-कुल लंबाई 135 किमी - अब तक 128 किमी कार्य पूर्ण हो चुका है
- कुल लागत 148 करोड़
- अभी तक कुल खर्च- 110 करोड़
- संबंधित कंपनी को 10 साल तक मरम्मत व चलाने का काम भी टेंडर में शामिल है।

पांच पंप स्टेशन का काम हुआ-

- मंडेरी पुलिया के पास - क्षमता 6.37 एमएलडी

- धनवाड़ा तालाब के पास- क्षमता 197 एमएलडी

- खंडिया चौराहे के पास राठौर छात्रावास के पीछे- क्षमता1.20 एमएलडी

- कृष्णा नगर संजीवनी के सामने- क्षमता 1.36 एमएलडी

इनका काम चल रहा-

- गिन्दौर के पास - क्षमता 0.75 एमएलडी

- गुढ़ागावंडी तालाब के पास क्षमता- 3.43 एमएलडी

जिनके कनेक्शन हो रहा है, उनका पानी शुद्ध हो रहा है। गागरोन रोड पर बना सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को अपग्रेड किया जा रहा है। नाले का पानी अगर कालीसिंध नदी में जा रहा है तो उसे रोकने का काम नगर परिषद का है। सीवरेज का कुछ काम बाकी है, जो मार्च 2024 तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

रामबाबू वर्मा, अधिशासी, अभियंता आरयूआईडीपी, झालावाड़

Published on:
31 Jan 2024 09:31 pm
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