नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है, फिर भारी बारिश का जारी किया अलर्ट
झालावाड़। झालावाड़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और मध्यप्रदेश से बहकर आने वाली नदियों में पानी की भारी आवक होने से झालावाड़ जिले में विकट हालात हो गए हैं। मंगलवार को जिले के दर्जनों गांवों का जिला मुख्यालय और कस्बों से पूरी तरह सम्पर्क कटा रहा। कालीसिंध नदी ने सोमवार रात से रौद्र रूप धारण कर लिया है। इस नदी का पानी झालावाड़ शहर समेत कई अधिक गांवों में घुस गया है। इस कारण बाढ़ के हालात हो गए हैं। वहीं पिछले चौबीस घण्टे में जिले के डग में 289 मिमी बारिश दर्ज की गई है। करंट फैलने की आशंका से जलभराव वाले कस्बों और गांवों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। मनोहरथाना में दो दिन से विद्युत आपूर्ति ठप है।
सैना की एक यूनिट को झालावाड़ बुलाया
जिले में नदियों का लगातार जल स्तर बढऩे के कारण बाढ़ से बचाव के लिए सैना की एक यूनिट को झालावाड़ बुलाया है। जिला कलक्टर डा. भारती दीक्षित ने बताया कि जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित बाहर लाने के लिए 2 एसडीआरएफ एक एनडीआरएफ तथा एक आर्मी यूनिट को बुलाया गया है। सभी टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों को पानी से बाहर निकालने के लिए निर्देशित किया गया है।
जिला कलक्टर ने बृजनगर राजकीय कन्या महाविद्यालय के पीछे की कॉलोनी, खण्डिया चौराहा, राड़ी के बालाजी स्थित कच्ची बस्ती चन्द्रभागा पुलिया झालरापाटन सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर बचाव कार्य के लिए संबंधित अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों को आवश्यक दिशा.निर्देश प्रदान किए। इस दौरान उन्होंने आमजन से समझाइश कर स्वयं तेज पानी के बहाव से बाहर आने की कोशिश नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग को सूचित करें।
जिला कलक्टर ने बताया कि टीमों को क्षेत्रों में जाकर लोगों को पानी से बाहर निकालने के लिए निर्देशित किया गया है। विभिन्न स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन सफलता पूर्वक सम्पन्न कर लोगो को बाहर निकाल लिया गया है। इस दौरान उपखण्ड अधिकारी मनीषा तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक नीरज शमा, सभापित प्रदीप सिंह राजावत, नगर परिषद् झालावाड़ आयुक्त अशोक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
एसपी ने संभाला मोर्चा, रातभर डटी रही
झालावाड़। जिले में बाढ़ के हालात के बाद पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। यही कारण है कि नदियां उफान पर आने और गांव के गांव की चपेट में आने के बाद भी जनहानि नहीं हुई है। खुद एसपी ऋचा तोमर और जिला कलक्टर डा. भारती दीक्षित ने बचाव-राहत कार्यों का मोर्चा संभाल रखा है। ड्रोन उड़ाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सूचना दी गई है।
एसपी तोमर जिले में सबसे ज्यादा प्रभावित छापीहेड़ा में सोमवार शाम से ही डेरा डाल रखा है। उन्होंने सोमवार शाम को ही सोराला थाने पहुंचकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालातों की समीक्षा की। इसके बाद छीपाहेडा व अन्य गांव जो टापू बन हैं, वहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। एसपी ने बताया कि मंगलगवार शाम तक 48 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। 63 लोग फंसे है, उन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान एक बार एनडीआरएफ की नाव पंचर हो गई है। मैंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को भेजकर सुरक्षित निकाला। करीब सात किलोमीटर पानी का फैलाव है। इस कारण नाव के एक फेर में डेढ़ घण्टा लगता है। साथ ही नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है। इस कारण रेस्क्यू में परेशानी आ रही है। जिला कलक्टर से बात कर सरकार से रेस्क्यू के लिए हैलीकॉफ्टर मांगा है।
झालावाड़ जिले में 26 तक बंद रहेंगे स्कूल
झालावाड़। झालावाड़ जिले में भारी बारिश की चेतावनी के चलते जिले के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में बुधवार से 26 अगस्त तक अवकाश घोषित कर दिया है। जिला कलक्टर डा. भारती दीक्षित ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि दो दिन से स्कूल पहले ही बंद है।