झालावाड़

सौर ऊर्जा सयंत्र : कंपनी से अनुबंध नहीं, जिले में150 पंप लगने है, अब तक महज 6 ही लग पाए

सौर ऊर्जा के जरिये फसल को सिंचित करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा पंप लगाने का लक्ष्य सरकार द्वारा तय किया गया था। लेकिन लक्ष्य के अनुसार तीन व पांच एचपी का अनुबंध नहीं होने से योजना कागजों में ही उलझकर रह गई है।

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सौर ऊर्जा सयंत्र : कंपनी से अनुबंध नहीं, जिले में150 पंप लगने है, अब तक महज 6 ही लग पाए

एक्सक्लूसिव

हरिसिंह गुर्जर

झालावाड़.सौर ऊर्जा के जरिये फसल को सिंचित करने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में सौर ऊर्जा पंप लगाने का लक्ष्य सरकार द्वारा तय किया गया था। लेकिन लक्ष्य के अनुसार तीन व पांच एचपी का अनुबंध नहीं होने से योजना कागजों में ही उलझकर रह गई है।

झालावाड़ जिले में छोटे किसान ज्यादा होने से 3 व 5 एचपी के ज्यादा आवेदन करते हैं, लेकिन अनुबंध नहीं होने से इस श्रेणी में किसान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। जिले में इस वर्ष 150 सौर ऊर्जा पंप लगाने है। इसके मुकाबले अब मात्र 6 ही पंप लग पाए है। जबकि 198 आवेदन विभाग के पास प्राप्त हुए है। ऐसा नहीं है कि सौर ऊर्जा पंप लगाने के प्रति जिले के किसानों ने रूचि नहीं दिखाई हो। जिले को मिले लक्ष्यों के विरूद्ध करीब 200 तक आवेदन विभाग के पास पहुंचे हैं, जिनमें से कई में कमियां होने से निरस्त भी हुए है, लेकिन वित्तीय वर्ष के 10 माह बीतने के बाद भी जिले में महज आधा दर्जन ही पंप लगाए जा सके है। ऐसे में वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक इन लक्ष्यों के पूर्ण होने की उम्मीद कम ही है। जबकि कोयले की कमी होने से केन्द्र व राज्य सरकार का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने पर खूब जोर दिया जा रहा है

इस योजना के तहत लगने है पंप-

जिले में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान पीएम कुसुम योजना के तहत किसानों को अनुदान पर सौर ऊर्जा पंप लगवाए जाने हैं। इसके लिए सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले के लिए 150 सौर ऊर्जा पंप का लक्ष्य दिया गया है। सौलर पंप संयंत्र के प्रति किसानों ने रुचि दिखाई और विभाग के पास करीब 198 पत्रावलियां प्राप्त हुई। लेकिन अधरझूल में ही है।

इसलिए आ रही परेशानी-

सौलर पंप संयंत्र के तहत 3 व 5 एचपी के लिए सौलर पंप कंपनियों से दरों का अनुबंध ही नहीं हो सका है। केवल 7.5 व 10 एचपी में डीसी के लिए ही दरें अनुमोदित हो सकी है। ऐसे में दरे अनुमोदित नहीं होने के कारण पत्रावलियां अटकी हुई है। इसके अलावा इस बार दरों में भी बढ़ोतरी होने के कारण लक्ष्य प्रभावित हुए है। पहले जहां 7.5 एचपी डीसी सौर पंप सयंत्र लगवाने के लिए किसान के हिस्से की राशि 1 लाख 47 हजार रुपए थी, जबकि इस बार यह राशि 2 लाख 14 हजार 638 रुपए हो गई है। विभाग की ओर से 60 फीसदी अनुदान राशि देय है।

यह दस्तावेज करने होंगे अपलोड-

नई व्यवस्था के तहत राज किसान पोर्टल द्वारा पूर्व में किए गए ऑनलाइन आवेदन में कई तरह के दस्तावेज अपलोड करने होंगे। इसमें नवीनतम जमाबंदी व नक्शा जो छह माह से पुरान नहीं हो व डिजिटल हस्ताक्षरित या पटवारी से प्रमाणित जरुर होना चाहिए। किसान द्वारा जल स्त्रोत होने के डीजल चलित संयंत्र से सिंचाई करने का स्व घोषित शपथ-पत्र देना होगा। विद्युत कनेक्शन नहीं होने एवं पूर्व में सौर ऊर्जा पंप संयंत्र पर अनुदान न लेने का स्व घोषित शपथ-पत्र व अनुमोदित फर्मों में से किसी एक का चयन करना होगा।

ऑनलाइन नहीं तो स्वत: हो जाएगी निरस्त-

बैक टू सिटीजन की गई पत्रावलियों को किसानों की ओर से अतिशीघ्र राज किसान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सबमिट करवाना होगा, ताकि पत्रावलियों पर अग्रिम कार्यवाही की जा सके, नहीं तो 15 दिवस की अवधि के बाद पत्रावली ऑनलाइन पोर्टल से स्वत: ही निरस्त हो जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी किसान की होगी। विभाग द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी होने के बाद ही किसानों को आवेदन अनुसार किसान हिस्सा राशि का डीडी विभाग में जमा करवाना होगा।

झालावाड़ में सौर ऊर्जा संयंत्र का लक्ष्य

- जिले में लक्ष्य- 150

- जिले में सौर ऊर्जा पंप लगे- 6

- जिले में ओबीसी, सामान्य श्रेणी का लक्ष्य- 105 - जिले में एससी श्रेणी का लक्ष्य- 25

- जिले में एसटी श्रेणी का लक्ष्य- 20

किसी कंपनी से अनुबंध नहीं हुआ-

पहले राज किसान पोर्टल के माध्यम से राशि जमा करवाने से तकनीकी परेशानी थी, अब वो सही हो गई है। जिला स्तर से ये काम होगा। लेकिन अभी 3 व 5 एचपी का किसी भी कंपनी से अनुबंध नहीं हो पाया है। इससे लक्ष्य पूरा होने में परेशानी आ रही। कैलाश चन्द शर्मा, सहायक निदेशक, उद्यान,झालावाड़।

Published on:
13 Feb 2024 11:03 am
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