एनडीआरएफ की बोट पंचर हो गई तो फिर खुद ने संभाल लिया मोर्चा
झालावाड़। जिले में बाढ़ के हालात के बाद पूरा प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया है। यही कारण है कि नदियां उफान पर आने और गांव के गांव की चपेट में आने के बाद भी जनहानि नहीं हुई है। खुद एसपी ऋचा तोमर और जिला कलक्टर डा. भारती दीक्षित ने बचाव-राहत कार्यों का मोर्चा संभाल रखा है। ड्रोन उड़ाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की सूचना दी गई है।
एसपी तोमर जिले में सबसे ज्यादा प्रभावित छापीहेड़ा में सोमवार शाम से ही डेरा डाल रखा है। उन्होंने सोमवार शाम को ही सोराला थाने पहुंचकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर मौजूदा हालातों की समीक्षा की। इसके बाद छीपाहेडा व अन्य गांव जो टापू बन हैं, वहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों की मदद से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। एसपी ने बताया कि मंगलगवार शाम तक 48 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। 63 लोग फंसे है, उन्हें निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। शाम छह बजे 190 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू का निकाला है। जब छापी और परवन पूरे उफान पर आ रही थी, तब एसपी खुद मौके पर डटी हुई थी और वें टीमों का हौंसला बढ़ रही थी। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के दौरान एक बार एनडीआरएफ की नाव पंचर हो गई है। मैंने तत्काल एसडीआरएफ की टीम को भेजकर सुरक्षित निकाला। एक बार तो एसपी ने खुद मोर्चा संभाला और फंसे लोगों से बोलती रही नो टेंशन, सुरक्षिता निकाल लेंगे। करीब सात किलोमीटर पानी का फैलाव है। इस कारण नाव के एक फेर में डेढ़ घण्टा लगता है। साथ ही नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है।
रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म
झालावाड। सारोला क्षेत्र में परवन एवं छापी नदी के किनारों पर स्थित छापीहेड़ा हथौली समेत बुखारी अन्य गांवों में बाढ़ के पानी घिरे ग्रामीणों को बचाने के लिए मोर्चा संभालें एसपी ऋचा तोमर एडिशनल एसपी चिरंजीलाल मीणा समेत प्रशासन ने राहत की सांस ली। तहसीलदार भरत कुमार यादव ने बताया कि एनडीआरएफ टीम की मदद से छापीहेड़ा 122 व हथौली में 68 लोगों का रेस्क्यू कर आश्रम स्थल तारज खेरखेड़ा स्कूल में रुकवाया गया है। भोजन पानी एवं आवश्यक वस्तुओं के प्रबंध की व्यवस्था की गई है। इस दौरान एसडीएम श्यामसुंदर चेतीवाल, डीवाईएसपी राजीव परिहार,सारोला एसएचओ अजय शर्मा समेत एसडीआरएफ टीम एवं पुलिस जवान रेस्क्यू कार्य मे जुटे रहे।