
Jhalawar.खानपुर. बांध.तालाबों की जमीन व नदी.नालों पर कब्जा कर चुके अतिक्रमियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस.प्रशासन के भी हाथ.पांव फू ल रहे हैं। वहीं अतिक्रमी खुद भले ही बरसाती पानी में डूब जाएंगे, लेकिन नदी.नालों के जमीनों से हटने को तैयार नहीं है। रविवार को झालावाड़ जिले के खानपुर में अतिक्रमणरोधी दस्ते पर अतिक्रमियों ने हमला कर यह जता दिया कि उनकेे हौंसले कितने बुलंद है। रूपली नदी में पानी की भारी आवक के बाद तीन दिन पहले खानपुर कस्बा बाढ़ की चपेट में आ गया था। रविवार को तीसरे दिन भी कई बस्तियों से पानी की निकासी नहीं हुई। इसके पीछे बड़ी वजह नालों के रास्तों पर जगह.जगह अतिक्रमण है। रविवार सुबह नालों के अवरोधक अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर खानपुर के सैकड़ों लोगों ने झालावाड़ रोड जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसको देखते हुए ग्राम पंचायत प्रशासन ने जेसीबी मंगवाकर नाले पर बने आवासीय टीनशैड के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई शुरू होते ही अतिक्रमी व उनके लोग बिफर पड़े। अतिक्रमण हटाने की मांग करने वाले एवं अतिक्रमी के लोग आमने.सामने हो गए। अतिक्रमी के लोगों ने प्रदर्शन करने वालों पर लाठियोंं से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस बीच में आई तो लोगों ने पुलिस पर भी पथराव कर दिया। पथराव से जेसीबी के कांच तोड़ दिए। अचानक हुए पथराव से एक दर्जन से ज्यादा लोगों के सिर में चोटें आ गई। कई पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई। हमले के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने भी अतिक्रमी के घर में घुसकर सामान व कांच तोड़ दिए। अतिक्रमियों ने मकान की छत पर चढ़कर लोगों पर पत्थर फेंके। करीब आधे घण्टे तक लाठी.भाटा जंग होती रही। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में कार्यवाहक तहसीलदार राजेन्द्र खींची, थानाधिकारी रमेश मेरोठा पुलिस जाब्ते के साथ पहुंचे थे। विवाद गहराने की जानकारी मिलने पर उपखंड अधिकारी रामकिशन मीणा भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। थानाधिकारी रमेश मेरोठा ने बताया कि पुलिस की मौजदूगी में दोनों पक्षों ने कानून हाथ में लेकर राजकार्य में बाधा पहुंचाई है। पुलिस की ओर से पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी करवाई गई है। अतिक्रमण करने वालों एवं राजकार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस और अफसर मूकदर्शक.
अतिक्रमी के लोगों व प्रदर्शनकारियों के बीच मारपीट व झगड़ा शुरू होते देख उपखंड अधिकारी रामकिशन मीणा वाहन में बैठकर चले गए। वहीं पुलिसकर्मी भी मौके पर खड़े हो देखते रहे। अतिक्रमण हटाने के बाद अधिकारी मौके पर लौटे।
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राजनीतिक दखल से हौसले बुलंद.
राजनैतिक दबाव व विरोध के कारण अफ सर तालाब.नालों पर बसी अवैध बस्तियों को हटाने की कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाते। कुछ साल पहले कोटा में भी अनन्तपुरा तालाब पर बसी बस्ती को हटाने की कार्रवाई का सख्त कदम उठाने वाले नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त आईएएस डॉण् समित शर्मा को अतिक्रमियों व नेताओं का भारी विरोध झेलना पड़ा था। तब शर्मा को मौके से ही एपीओ कर दिया गया। इसी तरह कुछ साल पहले कोटा में चम्बल किनारे खंड गांवड़ी बस्ती में कार्रवाई करने गए यूआईटी के दस्ते पर पथराव से हमला कर दिया गया था। अफसरों व कर्मचारियों को भागकर जान बचानी पड़ी।
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अतिक्रमियों को बख्शा नहीं जाएगा। अतिक्रमण हटा दिया गया है। अतिक्रमी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के निर्देश दिए गए हैं। हरिमोहन मीणा, जिला कलक्टर झालावाड़