झालावाड़

कराटे सीखा तो लोगों ने उड़ाया मजाक, अब उन्हीं को है इन पर गर्व

एक हजार बालिकाओं को दे चुकी है प्रशिक्षण  

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कराटे सीखा तो लोगों ने उड़ाया मजाक, अब उन्हीं को है इन पर गर्व

हरि सिह गुर्जर झालावाड़. अनिता मालव ने जब अपने पति से मार्शल आट्र्स का प्रशिक्षण लेना शुरू किया तो मन में झिझक थी कि लोग क्या कहेंगे। शुरुआत में लोगों ने उनके इस काम को अपनाया भी नहीं लेकिन आज वह हजारों लड़कियों को कराटे का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना चुकी है।
अनिता ने 2006 में शादी के बाद अपने पति सीआरपीएफ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिलीप कुमार मालव से कराटे का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद अनिता ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। अनिता ने मध्यप्रदेश के रतलाम, मंदसौर, नीमच तथा राजस्थान के चित्तौडगढ़़़, कोटा, झालावाड़ व उदयपुर आदि स्थानों पर बालिकाओं को आत्म सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। एक महिला होने के नाते मार्शल आर्ट के क्षेत्र में समाज ने उनको कुछ समय तक नहीं अपनाया मगर उनकी मेहनत संघर्ष और उनके जुनून के आगे समाज को भी मानना पड़ा और आज समाज के अग्रणी लोग भी उनके खेल का लोहा मानते हैं।


कोरोना काल में ऑनलाइन दिया प्रशिक्षण
कोरोना काल में भी उन्होंने अपने प्रशिक्षण को वीडियो कॉलिग व सोशल मीडिया के माध्यम से ऑनलाइन जारी रखा और बालिकाओं को मोटिवेट करती रही, उनका उत्साह बढ़ाती रही। अनिता मध्य प्रदेश कराते संघ में भी महिला आयोग की सदस्य है।


एक हजार को सीखा चुकी आत्मरक्षा के गुर
अनिता मालव अभी तक करीब एक हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सीखा चुकी है। मालव स्वयं राष्ट्रीय स्तर की पदक विजेता खिलाड़ी है कोटा संभाग में अकेली ऐसी प्रशिक्षक है जिन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर कई खिलाडिय़ों को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक दिलाए हैं। पिछले वर्ष झालावाड़ के वैभव जाट ने साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप बांग्लादेश में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक प्राप्त किया था। मालव को अभी हाल ही में हापिकड़ो डवलपमेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान की महासचिव बनाया गया है।


कराटे से पढ़ाई में एकाग्रता आती है
मालव आज के दौड़भाग भरी जीवन शैली में अभिभावकों को संदेश देना चाहती है कि कोरोना ही नहीं और बीमारियों भी कमजोर शरीर पर जल्दी अटैक करती है। बुजुर्गों सहित बच्चों को अभी भी नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। जो बच्चों में कराटे के प्रति जागरूकता बढऩा चाहिए ये ऐसा खेल है इससे बच्चों में पढ़ाई में एकाग्रता आती है।

Published on:
16 Dec 2020 07:05 pm
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