डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर युवक की बचाई जान
कोटा, झालावाड़. जरा की लापरवाही जीवन पर भारी पड़ सकती है। लापरवाही से एक युवक के प्राइवेट पार्ट्स, गुप्तांग ड्रिल मशीन की चपेट में आने से कट गए और शरीर से अलग हो गए थे, लेकिन डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर युवक की जान बचा ली है। यह सफल ऑपरेशन किया है कोटा संभाग के सबसे बड़े अस्पताल कोटा मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जर विभाग ने।
कोटा मेडिकल कॉलेज के प्लास्टिक सर्जरी विभगा में ड्रिल मशीन से कटे गुप्तांगों की डॉक्टरों ने सफल सर्जरी कर युवक की जान बचाई है। सरकारी क्षेत्र में संभवत: यह पहला ऑपरेशन है। प्लास्टिक सर्जर डा. निर्मल गुप्ता ने बताया कि एक फैक्ट्री केे पास रास्ते में भरे पानी को निकालने के लिए ड्रिल मशीन लगाई थी। बंदी जिले के देई के बजनेर गांव निवासी श्योपाल योगी ने सामने से ड्रिल मशीन से सरिए को पकड़ रखा था। किसी ने अचानक ड्रिल मशीन को चालू कर दिया। सरिया घूमने से उपके कपड़े फट गए और प्राइवेट प्राटर््स चपेट में गए। उसके परिजन हिण्डौली चिकित्सालय लेकर गए। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रैफर कर दिया। कोटा में मेडिकल कॉलेज के एसएसबी विंग में भर्ती करवाया गया। इस हादसे में उसके दोनों अंडकोष अलग हो गए थे। मंगलवार को दो घंटे चले ऑपरेशन के दौरान सर्जरी कर अंडकोष को जांघों की चमड़ी से पॉकेट बनाकर लगाया गया और पेशाब के लिए नली डाली गई। डा गुप्ता ने बताया कि यदि अंडकोष बाहर रहते तो संक्रमण का खतरा था।