- चांदखेड़ी में सुधा सागर महाराज के प्रवचन
खानपुर . चद्रोदय तीर्थ क्षेत्र चांदखेडी जैन मंदिर खानपुर में चातुर्मास के दौरान चल रहे अमृतमयी प्रवचन में मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने गुरुवार को स्वयं को पहचानने के साथ ही मैं और था की व्याख्या की और कहा कि स्वयं को पहचानो, मैं हू भी या नहीं हूं। आकाश के तारे हमेशा रहेंगे, सृष्टि रहेगी, वस्तुएं पहले भी थी और रहेंगी, लेकिन हम अपना जीवन छोटा करते जा रहे हैं। बचपन से बुढापा आ रहा है, दुनिया तो अस्तित्वमान है, लेकिन में मर रहा हूं, में कल भी नहीं था और आज भी नहीं रहूंगा, ये जीवन का मूल है जिसे सुधारने की आवश्यकता है। महासागर महाराज ने प्रवचन में कहा कि हम छोटी छोटी बातों पर तनाव में जा रहे हैं, हमे सकारात्मक सोच रखते हुए कार्य करना चाहिए। मन स्थिति कमजोर होने पर तनाव होता है। कैसी भी प्रतिकूलता आ जाए लेकिन अपने आप को कमजोर नहीं माने, नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होगी तो परिणाम भी नकारात्मक आएंगे। चांदखेडी के अध्यक्ष हुकम जैन काका ने बताया कि चन्द्रोदय तीर्थ क्षेत्र में चल रहे नियमित प्रवचन जगत का कल्याण कर रहे हैंए श्रावक भी भक्तिभाव से आनंदपूर्वक प्रवचन में लीन दिखाई दे रहा है। कमेटी के महामंत्री नरेश जैन वैद, कोषाध्यक्ष गोपाल जैन, अजय बाकलीवाल, महावीर जैन, प्रशांत जैन, कैलाश जैन भाल सहित कमेटी के सदस्यों द्वारा पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। मुनि श्री के संघ में मुनि महासागर महाराज, मुनि निष्कंप सागर महाराज क्षुल्लक गंभीर सागर और धैर्य सागर महाराज की उपस्थिति में धर्म, ज्ञान लाभ प्राप्त हो रहा है।