झालावाड़

Jhalawar floods….चीनी, नमक, यूरिया पानी में बह गया

-रूपली नदी में आए उफान से हुआ करोड़ों रुपए का नुकसान- 1200 कट्टे यूरिया हो गया खराब
2 min read
• •
Updated: 7 Aug 2021, 8:06 PM IST
Jhalawar floods....चीनी, नमक, यूरिया पानी में बह गया
Jhalawar floods....चीनी, नमक, यूरिया पानी में बह गया

Jhalawar.खानपुर. रूपली के रौद्र रूप के आगे खानपुरवासी बेबस थे। हर शख्स पानी से घिरा हुआ था। समूचा कस्बा आठ से दस फीट पानी में घिरा हुआ था। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा था। दो दिन बाद शनिवार को नदी शांत हुई तो कस्बेवासियों ने राहत की सांस ली। किसी का आशियाना उजड़ गया तो सड़कें पानी में बह गई। जो गोदाम चीनी, नमक से भरे थे, केवल बारदाना नजर आया, ताकि पानी में बह गए। हर तरफ तबाही का मंजर दिखाई दे रहा था।
बारां व अटरू रोड पर दुकानों में 5 से 6 फीट पानी भरने से यहां करोड़ों का नुकसान हुआ है। दुकानदारों ने सुबह दुकानें खोलकर देखी तो शक्कर की बोरियां, नमक, आटा दाल के कट्टों के स्थान पर खाली बोरियां मिली। जबकि अन्य खाद्यान्न सामान गलकर नष्ट हो गए। बारां रोड पर खाकीजी महाराज आश्रम स्थित गोदामों में पानी भरने से लाखों का नुकसान हो गया। विमल कुमार जैन ने बताया कि बारां रोड पर गोदामों में भरा माल पानी में डूबने से उन्हें करीब 10 लाख का नुकसान हुआ है। क्रय-विक्रय सहकारी समिति में भरा 1200 कट्टा खाद भीगकर खराब हो गया। समिति में करीब 4 फीट तक पानी भर गया, ऐसे में डूबे हुए कट्टों का खाद बहने के साथ ही ऊपर जमे कट्टे गिरकर पानी में आ गिरे। ऐेसे में करीब 4 लाख का खाद बेकार हो गया। इसके अलावा झालावाड़ रोड पर खाद व्यापारी के गोदाम में पानी भरने से 3 हजार कट्टे खाद बहने से करीब 10 लाख का नुकसान हो गया। पंचायत समिति में भी पानी भरने से कम्प्यूटर व सरकारी रेकॉर्ड गलकर खराब हो गए। जबकि सरकारी अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर पर दवाइयां तैरती हुई मिली।
अटरू तिराहे स्थित खाद की दुकान मे सैकड़ों की संख्या में यूरिया व डीएपी व सीमेंट के कट्टे पानी में डूबकर खराब हो गए। 79 वर्षीय व्यापार महासंघ पूर्व अध्यक्ष मोहनलाल मित्तल ने बताया कि उनके जीवन में खानपुर में ऐसी भीषण बाढ़ नहीं देखी। एक ही दिन में कस्बे में करोड़ों का नुकसान हो गया। सीएचसी में बाढ़ का पानी घुसने से स्टोर रूम में रखी लाखों की दवाइयां, उपकरण खराब हो गए। स्टोर रूम में करीब 3 फीट तक पानी भरने से फ्रीज, कूलर पानी में तैर गए, जबकि दवाइयों के कार्टन डूबकर गल गई। इसके अलावा अस्पताल में लाखों की लागत से आए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, एक्सरे मशीनें, डीप फ्रीज, कम्प्यूटर, सरकारी रेकॉर्ड, जनरेटर व दवा वितरण केन्द्रों में जीम दवाइयां सहित कई उपकरण पानी में डूब गए। भर्ती वार्डों में पलंग पानी में डूब गए थे। शनिवार को समूचे अस्पताल परिसर में दवाईयां तैरती हुई मिली।

Published on: