झालावाड़

आंसू देने वाले प्याज ने बरसाई खुशियां

किसान मालामाल: 3500 हैक्टेयर में 11 करोड़ का उत्पादन

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आंसू देने वाले प्याज ने बरसाई खुशियां


हरिसिंह गुर्जर


झालावाड़.प्याज के भावों का अद्र्धशतक लगने पर देशभर में आम आदमी के आंसू नकल आए। वहीं,प्याज इस बार झालावाड़ के किसानों के लिए खुशियां लेकर आया और चांदी साबित हो रहा है। प्याज ने किसानों की झोली भर दी और एक ही झटके में उन्हें लखपति बना दिया। जबकि कभी इसी प्याज को औने-पौने दामों पर बेचने की बजाय झालावाड़ के किसान खेतों में नष्ट करने को मजबूर हुआ करते थे। इसबार अधिक बारिश से देश के अन्य हिस्सों में प्याज की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। जबकि झालावाड़ जिले का प्याज सुरक्षित रहा। प्याज की कमी के चलते थोक के भाव 40-50 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए थे। झालावाड़ के खेतों में पैदा हुआ प्याज मुहाना मंडी,दिल्ली की आजादपुर मंडी के माध्यम से एमपीए यूपी और आसाम समेत कई राज्यों में भेजा जा रहा है। देश के कई राज्यों व विदेशों में स्वाद के लिए धूम मचाने वाले झालावाड़ के लाल प्याज की पहली आवक अक्टूबर-नवम्बर से शुरू हुई। जिले में इस बार करीब 11 करोड़ के प्याज होने की उम्मीद है।

अच्छी क्वालिटी-
जिले में इस बार प्याज की क्वालिटी अच्छी है। जिले के तितरवासा निवासी नेपालसिंह झाला ने बताया कि अच्छी क्वालिटी होने से किसानों को अच्छा भाव मिल रहा है। शुरू आत में 47 रूपए किलो का भाव मिला है। अब 25 रूपए किलो का भाव मिल रहा है। सोमवार को जयपुर में मेरा भाई 70 कट्टी 26 रुपए किलो के भाव में बेच कर आया है। जिले में इस बार 50 लाख रुपए तक के प्याज किसानों ने बेचे हैं। मेरे करीब ढ़ाई बीघा का प्याज 5 साढ़े पांच लाख का हो जाएगा। किसान रणजीतसिंह ने बताया कि मैंने डेढ़ बीघा में ही प्याज बोई है जिसमें 75 कट्टे प्याज होने की संभावना है। अभी सफाई कर रहे हैं। 20 हजार से अधिक का खर्चा आया है। दो.तीन लाख के प्याज हो जाएंगे।

प्रतिहैक्टेयर करीब 14 टन-
इस बार झालावाड़ के लाल प्याज पर कई राज्यों की निगाहे हैं। इस मौसम में कर्नाटकए मध्य प्रदेश व गुजरात के कुछ भागों में प्याज होता है जो इस बार खराब हो गया है। इस साल झालावाड़ जिले में औसत से कम बरसात प्याज बोने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस बरसात से प्याज की फसल खराब नहीं हुई है। इस वर्ष झालावाड़ जिले में 3500 हैक्टेयर क्षेत्र में प्याज की पैदावार हुई है। जिले में प्रति हैक्टेयर प्याज की पैदावार 14 से 15 टन बताई जा रही है।

इस बार भी भाव कम नहीं होने की उम्मीद-
प्याज की पैदावार ने पिछले साल भी किसानों को निहाल किया था जिसका कारण इसके अच्छे भाव मिलना था। इस बार भी प्याज के भाव कम होने की संभावना नहीं है। किसानों को इस बार भी अंत तक इसके अच्छे भाव मिलने की संभावना है।

यहां ज्यादा बुवाई-
जिले में झालरापाटन के श्योपुर, डोंडा,जगन्नाथपुरी,तितरी, तितरवासा,उंडल, बिरयाखेडी, सुनेल, श्यामपुरा, झूमकी, खेड़ा,सेमली, सालरी सहित असनावर, बड़ोदिया, जूनाखेड़ा,मानपुरा,बकानी खेड़ा सहित कई गांवों में अच्छी पैदावार हुई है। श्योपुर गांवों के कुछ किसानों ने 20 से लेकर 45 लाख रूपए तक के प्याज बेच दिए है।

फैक्ट फाइल-
-जिले में करीब 3500 हैक्टेयर में खरीब के प्याज का उत्पादन हुआ
-प्रतिहैक्टेयर 14 टन प्याज का उत्पादन हुआए प्रतिहैक्टेयर करीब 3.50 लाख की कमाई
-जिलेभर में इस बार करीब 11 करोड़ रूपए का उत्पादन हुआ प्याज का।

अच्छा भाव मिल रहा-
किसानों को प्याज का अच्छा भाव मिल रहा हैए इसलिए किसानों का रूझान प्याज की फसल की ओर बढ़ा है, मैं कल ही जयपुर में प्याज बेचकर आया हूं। अभी तो 26 रूपए किलो बिक रहा है।
भैरूसिंह, प्याज उत्पादक किसान, तितरवासा।

खुद बीज तैयार करें-
झालावाड़ में इस बार प्याज की आवक अच्छी है । अच्छी क्वालिटी का प्याज होने से किसानों को अच्छा भाव मिल रहा है।लेकिन किसानों को अपना स्वयं का बीज तैयार करना चाहिए ताकि बुवाई के समय अधिक पैसा नहीं देना पड़े।
अरविन्द नागर व भूपेन्द्रसिंह कृषि वैज्ञानिक, झालावाड़
खुद भंडारण करें-
किसानों को अच्छा भाव लेने के लिए अपने स्तर पर भंडारण की व्यवस्था करनी चाहिएए ताकि अच्छा भाव मिल सके। इसबार किसानों को शुरूआत में 50 रूपए तक के भाव मिले हैं।
कैलाश चन्द शर्मा, सहायक निदेशक,उद्यान विभाग, झालावाड़।

Published on:
01 Jan 2021 09:44 pm
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