झालावाड़

योजना की राशी दूसरे के खाते में जमा, विभाग बेपरवाह

-लाभार्थी महिला 10 माह से परेशान-महिला बाल विकास विभाग की शिशु मातृ वंदना योजना का मामला
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The amount of the plan is deposited in another's account, the departme
योजना की राशी दूसरे के खाते में जमा, विभाग बेपरवाह

योजना की राशी दूसरे के खाते में जमा, विभाग बेपरवाह
-लाभार्थी महिला 10 माह से परेशान
-महिला बाल विकास विभाग की शिशु मातृ वंदना योजना का मामला
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के लिए चला जा रही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत एक महिला को मिलने वाली राशी विभाग की ओर से दूसरे के खाते में जमा कर दी गई वहीं जिस महिला को यह राशी मिलना थी वह करीब 10 माह से विभाग के चक्कर लगा रही है लेकिन कोई हल नही निकल रहा है। खंडिय़ा कॉलोनी यशोदा सुमन ने बताया कि उसने गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी केंद्र में ममता कार्ड के माध्यम से पंजीयन करवाया व सभी जरुरी कागजात जमा करवा दिए थे। योजना के तहत 1 फरवरी 2018 को उसको पहली किश्त मिलना थी। लेकिन बैंक खाते में रकम नही आने पर उसने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व विभाग से सम्पर्क किया तो बताया गया कि आपके खाते में 29 मार्च को 1000 हजार रुपए जमा कर दिए गए है। लेकिन खाता चेक करने पर राशी जमा नही पाई गई। इस दौरान उसने कई बार विभाग के चक्कर काटे लेकिन कोई हल नही निकला उसे बताया गया कि उसकी राशी किसी ओर से खाते मेंं चली गई होगी। इस पर महिला ने जिला कलक्टर के यहां भी गुहार लगाई लेकिन कोई हल नही निकला। लाभार्थी महिला की राशी किसके खाते में जमा हुई इस बारे में ना तो कोई जांच की गई और ना ही कार्रवाई की गई। प्रकरण को दस माह बीत गए लेकिन विभाग ने पीडि़ता को सिर्फ चक्कर कटवाने पर मजबूर किया।
-यह है योजना
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत केंद्र सरकार पहली बार गर्भवती होने पर प्रत्येक महिला के खाते में महिला एवं बाल विकास विभाग के आंगन बाड़ी केंद्र के माध्यम से पांच हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। इसके तहत तीन किश्त में भुगतान किया जाता है। पहली किश्त में 1 हजार, दूसरी व तीसरी में दो -दो हजार रुपए का भुगतान किया जाता है। योजना में सभी आय वर्ग की गर्भवती महिलाओं को पोष्टिक आहार के लिए राशी का भुगतान किया जाता है।
-मैने तो फार्म में सही एंट्री कर विभाग में दे दिया था
इस सम्बंध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता वर्मा ने बताया कि मैने तो महिला यशोदा का आवेदन 1 फरवरी 2018 को विभाग में जमा करवा दिया था उसमें महिला की बैक खाता संख्या भी सही लिखी थी। इसके बाद खाते में रकम नही आई तो इसके बाद भी मैने विभाग को इस प्रकरण से अवगत करवा दिया था।
-दोषी पर होगी कार्रवाई
इस सम्बंध में महिला एवं बाल विकास विभाग झालावाड़ के उपनिदेशक डॉ.जी.एम सैय्यद ने कहा कि महिला को योजना का लाभ नही मिलने का प्रकरण मेरे सामने आपके द्वारा ही आया है। इसमें विभाग के किस कर्मचारी की गलती रही इस बारे में जांच करके कार्रवाई की जाएगी। जिस कर्मचारी की गलती होगी उसकी तनख्वाह से रकम काटी जाएगी। लाभार्थी को योजना का पूरा लाभ दिया जाएगा।

Published on:
21 Dec 2018 01:52 pm