झालावाड़

अवैध कॉलोनी काटने वालों की अब खेर नहीं, प्रशासन सख्त

    -शहर में जगह-जगह काटी जा रही है अवैध कॉलोनियां
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illegal colonies
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झालावाड़.शहर में धड़ाधड़ अवैध कॉलोनियंा काटी जा रही है। नगर परिषद समेत संबंधित जिम्मेदारों ने आंखे मूंद रखी है।
लेकिन अब जिला कलक्टर की पहल पर प्रशासन सख्त रवैया अख्तियार करने लगा है। अवैध कॉलोनियों कि संबंध में जिला कलक्टर ने जांच के आदेश दिए हे। इसी के तहत १९ माफियाओं को नोटिस थमाए है।
कलक्टर ने शहर में अवैध कॉलोनियों की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार व नगर परिषद आयुक्त व एसडीएम की निगरानी में पूर्व में जांच करने के निर्देश दिए थे,अब फिर से इनकी जांच करवाने के लिए कहा है। अब जिला प्रशासन शहर की सभी कालोनियों के दस्तावेजों को खंगालेगा तो कई तरह की खामियां सामने आएगी।
शहर में अवैधानिक रूप से विकसित हो चुकी अनेक अवैध कालोनियों में रहने वाले कॉलोनीवासी इन दिनों परेशानी उठाने को मजबूर हैएनगर परिषद द्वारा अवैध कालोनीयों में सुविधा प्रदान नहीं किए जाने से इन कालोनीवासी आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंछित दिखाई दे रहे है। शहर में मात्र दो.चार कालोनीयों को ही नगर परिषद ने वैधता प्रदान कर रखीए बाकी नगर में लगभग 30 से 35 ऐसी छोटी-मोटी कालोनियां हैं जिनके पास कालोनी संबंधित वैध अनुमति तक नहीं है।जमीन के दलालों के द्वारा कम कीमत के नाम पर लोगों को बरगलाकर कॉलोनियां बसा दी। खामियाजा अब वहां स्थापित हो चुके लोगों को उठाना पड़ रहा है।


बिना मास्टर प्लान के काट रहे.-
शहर में जितनी भी कॉलोनियां काटी गईए वे बिना मास्टर प्लान और नियमविरुद्ध काटी जा रही हैए ऐसे में कृषि भूखंड खरीदने वाले लोगों को अब बिजली के कनेक्शन के लिए डिस्कॉम में हजारों रुपए की डिमांड राशि जमा करानी पड़ेगी। सस्ते और कम दाम के चक्कर में लोगों ने बहकावे में आकर कॉलोनाइजर को लाखों रुपए अदा किए,लेकिन उनसे कॉलोनी में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में कोई पूछताछ नहीं की। ऐसे में अब हाल यह है कि अपने रजिस्ट्रीसुदा प्लॉट पर बिजली कनेक्शन के लिए डिस्कॉम की ओर से उसे हजारों रुपए का डिमांड नोटिस थमाया जाएगा,जबकि भूखंड खरीदने से पहले अगर कॉलोनाइजर निगम और जलदाय विभाग में आवेदन कर कॉलोनी में संबंधित नेटवर्क डवलप शुल्क अदा करता तो के्रताओं को परेशानी नहीं हो। इतना ही नहीं नई काटी जा रही कॉलोनियों में पार्क व घूमने के लिए कोई जगह नहीं बनाई जा रही है। ऐसे में भविष्य में बच्चे व बुजुर्गों के लिए घूमने का कोई स्थान नहीं होगा।नए नियम के अनुसार नगर निकाय किसी भी भूमि के लिए 90ए की कार्रवाई मास्टर प्लान के अनुसार ही कर सकेगी। किसी भी शहरी क्षेत्र में कृषि भूमि पर बिना 90ए के भूखंड नहीं बेचे जा सकते हैं।

12.5 फीसदी हिस्सा निकायों के पास रहता है-
कोई भी कॉलोनाइजर कृषि भूमि पर प्लॉटिंग करता है तो इसके लिए उसे उस भूमि में सड़कए सीवरेजए बिजली व पानीएपार्क समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं देने तक 12ण्5 प्रतिशत हिस्सा नगर निकायों के अधीन रहता है। सभी सुविधाएं देने के बाद ये हिस्सा रिलीज किया जाता है।
इन क्षेत्रों में काट रही कॉलोनियां-
कोटा रोड पर दोनों ओरए गोपालपुराए वृदांवनए खानपुर रोडए धनवाड़ाए खंडिया तालाब के नीचेए गागरोन रोडए रेलवे पुल के पासए हल्दी घाटी रोडए पशुचिकित्सालय के पीछेए खंडिया तालाब के आस.पासएडीटीओ ऑफिस के पास सहित करीब 30.40 कॉलोनी झालावाड़ में व झालरापाटन में भी इतनी ही कॉलोनी काटी जा रही है।

19 लोगों को थमाए नोटिस
झालावाड़. जिले में कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने वाले लोगों को हाल में तहसीलदार झालरापाटन गोपालसिंह द्वारा नोटिस जारी किए गए है। जिसमें गोपालपुरा झालावाड़ व झालरापाटन के तालाब क्षेत्र के मिलाकर 19 लोग है। नोटिस में बताया कि इन लोगों को कृषि भूमि को पैनल्टी जमाकरवार आबादी क्षेत्र में कन्र्वट करवाने के लिए कहा गया है। जिन लोगों को नोटिस दिए गए है उन्हे 8 मार्च का झालरापाटन तहसील में उपस्थित होकर नोटिस के जवाब देने है। नहीं प्रशासन आगे की जो भी कार्रवाई होगी करेगा।

जांच करवाएंगे-
शहर में अवैध कट रही कॉलोनी के बारे में पूर्व में जांच के निर्देश दिए जा चुके हैंएएक बार फिर से नगर परिषद व राजस्व विभाग व एसडीएम की संयुक्त टीम द्वारा जांच करवाएंगे। लोगों को कॉलोनी में सुविधाएं तो मिलनी चाहिए। निश्चित रूप से कार्रवाई करवाएंगे।
हरिमोहन मीणाए जिला कलक्टरएझालावाड़।

हां कार्रवाई अभियान जारी रहेगा-
खेती की जमीन पर कॉलोनी काटने वालों को नोटिस दिए गए हैए जिसमें गोपालपुराए गिन्दौर आदि क्षेत्र हैए ये अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गोपालसिंह तहसीलदार, झालरापाटन।

Updated on:
06 Mar 2021 10:55 pm
Published on:
06 Mar 2021 10:55 pm