
रटलाई. ग्राम पंचायत गुराडख़ेडा के गांव टेकली के लोगों ने करीब 1 हजार बीघा जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने को लेकर वन विभाग के आला अधिकारी व जिला कलक्टर आदि को कई बार ज्ञापन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से इनके हौंसले बुलंद हैं, वहीं शिकायत करने वाले ग्रामीणों को अतिक्रमी जान से मारने की धमकी भी देने लगे हैं, इससे ग्रामीणों में भय का बना हुआ है।
टेकली गांव के लोगों ने बताया कि अमरपुरा व सूरजपुरा गांव के कई लोगों ने वन विभाग की करीब 1 हजार बीघा जमीन पर करीब 8 से 10 साल से अतिक्रमण कर रखा है। पत्थर की दीवार बना सोयाबीन व मक्का की फसल बो रखी है। अतिक्रमण से पशुओं को चराने की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बकानी रेंजर को 6 जुलाई, 10 जुलाई को वन मण्डल अधिकारी झालावाड़,16 जुलाई को कलक्टर और बाद में संभागीय मुख्य वन सरंक्षक कोटा को लिखित में भी पत्र दिए, इसके बावजूद भी इस पर अमल नहीं हो पाया है। ग्रामणों ने बताया कि अतिक्रमण करने वाले शिकायत करने वालों को आए दिन मारने की धमकी भी दे रहे हैं। बापूलाल, कमलेश, सुजान, कालूलाल, हरकचंद, अनार सिंह, परमानंद, जगन्नाथ, रूपचंद, कालूलाल, ओमप्रकाश सहित सभी ग्रामीणों ने अतिक्रमण हटाने की मांग की है।
ग्रामीणों व उउच्च अधिकारियों से अतिक्रमण हटाने की जानकारी मिल चुकी है, लेकिन अतिक्रमण ज्यादा भूमि पर होने के कारण उसका हटाने के लिए हमें पर्याप्त जाप्ते की जरूरत है। जाप्ता मिलते ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
राजेन्द्र मीणा, रेंजर, बकानी
क्यासरी नदी में अवैध खनन
आवर. हाइकोर्ट के निर्देश के बाद भी पगारिया स्थित क्यासरी नदी से दिनरात अवैध बजरी निकालने का कार्य जारी है। रैत माफिया जेसीबी चलाकर ट्रैक्ट्रर-ट्रॉलियां भर कर सिप्लाई कर रहे हैं, प्रशासन द्वारा इस पर ध्यान नहीं देने से लोगों के हौंसलें बुलंद हैं। पगारिया सरपंच धीरप सिंह ने बताया कि प्रशासन को अवगत करा दिया है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई, थानाधिकारी शंकरलाल गुर्जर ने बताया कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।