- छापीहैडा व हथौली गांव में परवन व छापी का पानी घुसने से दोनों गांव टापू बन गए- मनोहरथाना, अकलेरा कस्बे में कई दुकानों व मकानों में पानी भरा- चांदखेड़ी मे फं से दर्जनों यात्री- जिले में 24 घंटे में 74.09 एमएम बारिश
झालावाड़। कालीसिंध बांध के 3 गेट 8 मीटर खोलकर 31,913 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। वहीं छापी बांध पांच गेट खोलकर 15620 क्यूसेक, पिपलाज बांध के एक गेट खोलकर 200 क्यूसेक, राजगढ़ बांध के दो गेट खोलकर 5 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। कालीसिंध नदी कोटा जिले में चम्बल नदी में मिलता है। इस कारण चम्बल खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। धौलपुर तक हाई अलर्ट जारी किया है। धौलपुर कलक्टर आरके जायसवाल ने बताया कि क्षेत्र लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए मुनादी करवा दी है। झालावाड़ जिले के खानपुर, मनोहरथाना, बकानी और अकलेरा क्षेत्र में गुरुवार को भारी बारिश हुई। इससे नदियों ने सीमाएं लांघी। खानपुर और मनोहरथाना क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गई। खानपुर में रूपली नदी का पानी मकानों और दुकानों में भर गया। इससे अफरा-तरफी मच गई है। अकलेरा क्षेत्र में बस स्टैण्ड दरिया बन गया। दुकानें आधी-आधी पानी में डूब गई। चांदखेड़ी अतिशय क्षेत्र में भी पानी भर गया। दर्जनों श्रद्धालु पानी में फंस गए। खानपुर सहित आसपास के क्षेत्र में गुरूवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। खानपुर में होकर गुजर रही रूपली नदी सहित खाळ नालों में उफ ान आ गया। जिले में खेतों में पानी भरने से फसलों में भी काफी नुकसान हुआ है।
एसडीआरएफा ने रेस्क्यू कर 130 लोगों को सुरक्षित निकाला
सारोला क्षेत्र में छापीहैडा व हथौली गांव में परवन व छापी नदियों का पानी घुसने से दोनों गांव टापू बन गए है। यहां फंसे हुए 130 लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल निकाल लिया है। गांव में पानी घुसने से ग्रामीणों के घरों में रखे गेहूं, भूसा सहित कई सामान खराब होने से ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ है।