झालावाड़

Vasundhara Raje : ‘ड्रीम प्रोजेक्ट’ की धीमी रफ्तार देख उखड़ीं Ex CM वसुंधरा राजे- अधिकारियों को फटकारा, जानें फिर क्या हुआ?

काम की धीमी रफ्तार पर भड़कीं पूर्व CM, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी। जानें झालावाड़-बारां की इस लाइफलाइन का लेटेस्ट अपडेट।
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Vasundhara Raje Inspects Parwan Dam Project
Vasundhara Raje Inspects Parwan Dam Project

पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे मंगलवार को अपने 'ड्रीम प्रोजेक्ट' परवन वृहद सिंचाई परियोजना का जायजा लेने जमीनी स्तर पर उतरीं। झालावाड़ और बारां जिले की सीमाओं को जोड़ने वाले इस प्रोजेक्ट के निरीक्षण के दौरान राजे के तेवर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने टनल और अकावदा बांध के निर्माण में हो रही देरी को लेकर सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।

'मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट, क्षेत्र की उम्मीद'

निरीक्षण के बाद वसुंधरा राजे ने साफ लहजे में कहा कि परवन बांध केवल एक सरकारी परियोजना नहीं, बल्कि उनका 'ड्रीम प्रोजेक्ट' है। उन्होंने इसे बारां और झालावाड़ के प्यासे कंठों और सूखे खेतों की 'लाइफलाइन' करार दिया।

गुणवत्ता पर जोर: राजे ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि काम की गति बढ़ाने के चक्कर में गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

समय सीमा की चेतावनी: उन्होंने कहा कि जनता इस बांध का बेसब्री से इंतजार कर रही है, इसलिए तय समय सीमा के भीतर ही काम पूरा हो।

परवन परियोजना का जायजा लेतीं राजे

टनल और बांध का रियलिटी चेक

राजे ने परियोजना के सबसे कठिन हिस्से यानी 8.7 किलोमीटर लंबी टनल का भी बारीकी से निरीक्षण किया। यह बांध एक छोर से बारां जिले को छूता है तो दूसरे छोर से झालावाड़ को। निर्माणाधीन अकावदा बांध के स्ट्रक्चर को देखकर राजे ने इंजीनियरिंग टीम से मौजूदा स्टेटस और रुकावटों के बारे में सवाल पूछे।

धीमी प्रगति पर नाराजगी

पिछले कुछ समय से काम की रफ्तार कम होने की शिकायतों पर राजे ने कलेक्टर और विभागीय अधिकारियों को मौके पर ही समाधान निकालने को कहा।

परवन परियोजना का जायजा लेतीं राजे

साझा किया 'मिशन परवन' का संदेश

निरीक्षण के तुरंत बाद वसुंधरा राजे ने अपनी भावनाओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साझा किया। उन्होंने लिखा:
"आज झालावाड़ और बारां जिले की सीमा पर परवन वृहद सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। यह हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट और क्षेत्र की लाइफ लाइन है। इस निर्माणाधीन बांध का महत्व क्षेत्र की सिंचाई और पेयजल व्यवस्था के लिए अतुलनीय है।"

प्रशासनिक अमले में मची खलबली

राजे के इस औचक निरीक्षण के दौरान बारां जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार, विधायक राधेश्याम बैरवा सहित सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के कई सीनियर अधिकारी मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री के सख्त रुख को देखते हुए अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि प्रोजेक्ट के काम में मैनपावर बढ़ाई जाएगी और टनल के काम को जल्द से जल्द फाइनल स्टेज पर पहुँचाया जाएगा।

परवन परियोजना: क्यों है यह इतनी खास?

परवन वृहद सिंचाई परियोजना - File PIC

परवन वृहद सिंचाई परियोजना पूरी होने के बाद राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी-

पेयजल: बारां, झालावाड़ और कोटा जिले के सैकड़ों गांवों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।

सिंचाई: हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी, जिससे किसानों की आय में बड़ा इजाफा होगा।

रोजगार: बांध के निर्माण और भविष्य में पर्यटन की संभावनाओं से स्थानीय युवाओं को काम मिलेगा।

Updated on:
13 May 2026 10:47 am
Published on:
13 May 2026 10:04 am