
जिले में एक बार फिर से मौसम ने करवट बदली है। मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ से जिले में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। झालावाड़ जिले में सुबह से मौसम बदला हुआ है। सुबह बादल छाए। गुरुवार को शहर समेत जिले में मौसम बदला रहा। सुबह से बादलों की आवाजाही रही। ऐसे में खेत और खलिहानों में पड़ी फसल में नुकसान होने की आशंका के चलते किसानों की चिन्ता बढ़ गई है।
शहर समेत जिले के विभिन्न गांव कस्बों में आसमान में बादल छाए रहे। तापमान में कुछ कमी रही, लेकिन सूरज चढऩे के साथ ही गर्मी का अहसास होना शुरू हो गया। फसल आड़ी पडऩे नुकसान- मौसम खराब होने व हवा चलने से सरसों-गेंहू और धनिया की फसले आड़ी पड़ गई हैं। खेतों में खड़ी सरसों, गेहूं, मसूर,चना की फसल में भी आड़ी पडऩे के कारण व्यापक नुकसान हुआ है। वहीं जिले में कई स्थानों पर अफीम की फसल में भी आड़ी पडऩे से नुकसान हुआ है। गुरूवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम 13 डिग्री रहा।
अफीम की फसल में ज्यादा नुकसान-
जिले में गत दिनों करीब एक साप्ताह तक जोरदार पाला पडऩे से अफीम की फसल को नुकसान हुआ था। अब जैसे ही किसान अफीम की फसल में पानी दे रहा है, इधर मौसम खबरा होने से अफीम की फसल आड़ी पड़ रही है। ऐसे में अफीम की फसल में 100 फीसदी नुकसान माना जा रहा है।
65 किसानों ने हंकाने के लिए दिए आवेदन-
जिले में अफीम की फसल खराब होने व आड़ी पडऩे के चलते करीब 65 किसानों ने जिला अफीम अधिकारी कार्यालय के समक्ष अफीम खेत को हंकाने के लिए आवेदन दिया है। हालांकि अफीम विभाग भी मौके पर जाकर किसानों के खेतों का सर्वे करने में लगा हुआ है।
पूरी अफीम आड़ी -
जिले में अफीम किसानों को इस मौसम से काफी नुकसान हो रहा है। कई किसानों की पूरी अफीम आड़ी पड़ गई है। ऐसे में उन्हे सौ फीसदी नुकसान है, फिर भी सर्वे करवा रहे हैं। महेन्द्र कुमार जैन, जिला अफीम अधिकारी,झालावाड़।