चाइनीज मांझे से गर्दन कटने से एक बालक की मौत हो गई।
झालावाड़.असनावर कस्बे के एक मजदूर पिता पर उस समय दु:खों का पहाड़ टूट गया जब वो शाम घर पहुंचा तो बेटे को लहुलुहान देख उसके होंश उड गए। पिता आनन-फानन में बेटे सुरेन्द्र को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र असनावर पहुंचा लेकिन जानलेवा साबित हो रहे मांझे के आगे पिता हार गया। कुछ ही समय में अपनी गोद में बेटे के प्राण प्रखेरु उड़ते देख एक पिता स्तभ रह गया.. उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। लेकिन प्रशासन तो समझदार है उसे भी ऐसी घटनाएं होने के बाद भी आखिर क्यों कुछ समझ नहीं आ रहा है। आखिर इसके जिम्मेदार... कौन !
.जिले के असनावर कस्बे में सोमवार शाम को पतंग उड़ाते समय चायनिज मांझे से गर्दन कटने से एक बालक की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि असनावर पुरानी आबादी निवासी सुरेन्द्र (12) पुत्र दिलीप भील की पतंग उड़ाते समय गर्दन की श्वास नली की नस चायनीज मांझे से कटने के कारण मौत हो गई। परिजन बालक को शाम को एसआरजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। एसआरजी चिकित्सालय में पिता दिलीप भील ने रोते हुए बताया कि उसके दोनों लड़के अन्य बच्चों के साथ सोमवार को पतंग उड़ाने के लिए गए थे।
मंैं तो मजदूरी करता हूं, मुझे तो कुछ पता भी नहीं है।
भैंसे चरा कर घर आया था कि सुरेन्द्र गर्दन पकड़ते हुए घर आया और कहा कि पतंग की डोर से गर्दन कट गई।मैं बच्चे को लेकर असनावर अस्पताल में गया वहां पट्टीकर झालावाड़ रैफर कर दिया। यहां लेकर आए तो बच्चे को मृत घोषित कर दिया। संभवत: खून अधिक बहने के कारण मौत होना माना जा रहा है।