झालावाड़

Jhalawar News : बजट कम पड़ा तो अधूरा छोड़ दिया अस्पताल की लिफ्ट का काम, अब लिफ्ट बन रही मरीजों के हादसे का कारण

Rajasthan News : झालावाड़ के एसआरजी चिकित्सालय में आरएसआरडीसी व चिकित्सा प्रशासन की लापरवाही कभी मरीजों व तिमारदारों के लिए भारी पड़ सकती है।

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झालावाड़ के एसआरजी चिकित्सालय के न्यू इमरजेंसी में लिफ्ट के गड्ढ़े में भरा पानी। यह गड्ढा खुला पड़ा है और इसमें कचरा भी भरा हुआ है। और दूसरी मंजिल पर खुला पड़ा लिट लगने की जगह जहां से किसी भी मरीज के नीचे गिरने का खतरा बना हुआ है।

Jhalawar News : एसआरजी चिकित्सालय में आरएसआरडीसी व चिकित्सा प्रशासन की लापरवाही कभी मरीजों व तिमारदारों के लिए भारी पड़ सकती है। यहां बजट के अभाव में लिफ्ट का काम अधूरा ही छोड़ दिया है। लिफ्ट के लिए सीढ़ियों के पास ही गहरा गड्ढा किया हुआ है जो ऊपर तक खुला हुआ है। ऐसे में कभी रात के समय मरीज या तिमारदार को ध्यान नहीं रहा और वह सीढ़ियों की समझ पास सीधा चला गया तो सीधे गहरे गड्ढेे में जाने से उसे कोई नहीं रोक पाएगा। यहां किसी तरह के खतरे की सूचना या लोगों के जाने के लिए कोई रोक-टोक भी नहीं है।

गौरतलब है कि एसआरजी चिकित्सालय झालावाड़ में करीब दो साल पहले 17.50 करोड़ रुपए की लागत से न्यू इमरजेंसी बिल्डिंग बनाई गई थी। लेकिन बजट का अभाव होने से यहां लिफ्ट नहीं लगाई जा सकी है। लिफ्ट का काम अधूरा ही पड़ा हुआ है। जिससे मरीजों को तो परेशानी हो ही रही है। वहीं कभी कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

एसआरजी चिकित्सालय में लिफ्ट के लिए खांचे तो छोड़ दिए है। लेकिन उसे पैक करवाने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। रही सही कसर सफाई कर्मियों व लोगों ने पूरी कर दी। गहरे गड्ढ़े में पानी भरा हुआ है, उसमें ही कचरा डाला जा रहा है। ऐसे में इमरजेंसी के ऊपर बने मेडिसीन वार्ड, कैंसर वार्ड में जाने वाले मरीजों को दुर्गंध से परेशान होना पड़ रहा है।

बजट का अभाव

एसआरजी चिकित्सालय की न्यू इमरजेंसी बिल्डिंग में करीब 20 से 25 लाख रुपए की लागत से लिफ्ट लगवानी है, फुट ओवर ब्रीज भी बनावाया जाना है। जिससे दोनों बिल्डिंग जुड़ जाएं ताकि मरीजों को इधर-उधर आने-जाने में परेशानी नहीं है। लेकिन बजट नहीं आने से कई काम नहीं हो पा रहे हैं।

दुर्गंध उठ रही है

तिमारदार पूनमचंद ने बताया कि इमरजेंसी में एक गड्डा बना हुआ है, वो ऊपर से नीचे तक खुला ही पड़ा रहता है। उसमें कचरा भी डाला जा रहा है। इससे दुर्गंध भी आ रही है और किसी के गिरने का भी डर बना हुआ है।

नए भवन में दरारें

न्यू इमरजेंसी बिल्डिंग को बने दो साल ही हुए है, इतने कम समय में ही केयर टेकर रूम के बाहर दरारें आ गई है। ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं।

इतना बजट मांगा

सूत्रों ने बताया कि लिफ्ट, फुट ओवर ब्रीज सहित अन्य काम के लिए करीब 2 करोड़ रूपए का बजट मांगा गया है, अगर समय पर बजट आ जाएं तो अटके हुए काम हो सकेंगे। हालांकि अभी फुट ओवर ब्रीज सीमेंट-कंक्रीट या स्टील का बनाया जाएगा। ये बजट आने के बाद ही तय होगा।

न्यू इमरजेंसी में आरएसआरडी को लिफ्ट लगवानी है, लेकिन यहां पलंग लगवा रखा है। अगर हटा दिया है तो पैक करवाएंगे। गलती के लिए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

- डॉ. संजय पोरवाल, अधीक्षक, एसआरजी चिकित्साल, झालावाड़

एसआरजी चिकित्सालय की न्यू इमरजेंसी में लिफ्ट का काम बाकी है, बजट के अभाव में काम नहीं हो पा रहा है। बजट आने के बाद उसका टेंडर किया जाएगा।

- ललित मेघवाल, प्रोजेक्ट ऑफिसर आरएसआरडीसी, झालावाड़

Updated on:
06 Jul 2024 02:13 pm
Published on:
06 Jul 2024 02:05 pm
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