पूर्व में शादी के एक माह पहले या बाद में छह माह की अवधि में आवेदन करना जरूरी थी।
सरकार ने नए साल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब शादी के बाद एक साल तक अभिभावक अनुदान के लिए आवेदन कर सकेंगे। पूर्व में शादी के एक माह पहले या बाद में छह माह की अवधि में आवेदन करना जरूरी थी। इस दौरान आवेदन नहीं करने पर कन्यादान की राशि से वंचित होना पड़ता था।
अपनी बेटियों का कन्यादान करने वाले अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। सरकार ने नए साल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब शादी के बाद एक साल तक अभिभावक अनुदान के लिए आवेदन कर सकेंगे। पूर्व में शादी के एक माह पहले या बाद में छह माह की अवधि में आवेदन करना जरूरी थी। इस दौरान आवेदन नहीं करने पर कन्यादान की राशि से वंचित होना पड़ता था।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री कन्यादान योजना केतहत बीपीएल, स्टेट बीपीएल, अंत्योदय, विधवा महिला और अनाथ बेटियों की शादी पर सरकार की ओर से अभिभावकों को आर्थिक मदद दी जाती है। इसके तहत 21 से 51 हजार रुपए तक देने का प्रावधान किया गया है। 10 वीं कम पास की शादी पर 21 हजार, 10वीं पास कन्या की शादी पर 31 हजार, स्नातक कन्या की राशि पर 41 हजार, एसटी वर्ग के लिए 10 वीं कम पास की शादी पर 31 हजार, 10 वीं पास कन्या की शादी पर 41 हजार और स्नातक कन्या की राशि पर 51 हजार रुपए की कन्यादान राशि अभिभावकों को दी जाती है।
प्रदेश में गरीब परिवार की बेटियों की शादी में आर्थिक मदद देने के लिए राजस्थान में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना शुरू की गई है। यह योजना केवल प्रदेश की बेटियों के लिए बनाई गई है। योजना की प्रमुख शर्त यह है कि बेटी राजस्थान की ही होनी चाहिए। यानी जिस परिवार की ओर से आवेदन किया जा रहा है उनके पास राजस्थान का मूल निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए। राजस्थान के बाहर के निवासियों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सरकार ने नए साल में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के नियम में बदलाव किया है। इसके तहत अब शादी के होने बाद एक साल की अवधि में अभिभावक अनुदान के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए अभिभावकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
रामनिवास यादव, उप निदेशक, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग झालावाड़