झांसी

अब बीडा में किसानों को मिल सकेगी ज्यादा कीमत, कमेटी करेगी जमीनों के रेट तय

बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण (बीडा) के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होने जा रहा है। ऐसे में किसान लगातार सर्किल रेट बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। अब एक कमेटी बनाई गई है। जो जमीनों की कीमत तय करेगी।
2 min read
Oct 21, 2023
beeda
बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण की सिंबोलिक तस्वीर।

बुन्देलखण्ड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) को आकार देने के लिए रक्सा के पास चयनित 33 गांवों में जमीनों के सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर रहे किसानों को अब जिला प्रशासन ने सर्किल रेट से भी अधिक कीमत दिलाने का भरोसा दिया है। जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने दावा किया है कि ज़मीनों के अधिग्रहण के पहले मूल्य निर्धारण कमेटी बनाई जाएगी, जो बाजार की कीमत पर खेतों के साथ कुआं, पेड़ आदि का मुआवजा निर्धारित करेगी।

33 गांव के लोग कर रहे थे मांग

बीडा के लिए चिह्नित किए गए 33 गांवों में सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर किसान आंदोलित हैं। जनपद में 5 सितम्बर 2023 से संशोधित सर्किल रेट लागू कर दिए गए, जिसमें महानगर के आसपास के गांवों को भी शामिल किया गया है। पर, सर्किल रेट के इस प्रस्ताव में बीड़ा के लिए चयनित गांवों को शामिल नहीं किया गया। इस पर तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर इन गांवों की जमीन का मूल्यांकन कराया गया, लेकिन यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया।


मूल्य निर्धारण समिति करेगी तय

इसको लेकर किसानों का एक प्रतिनिधि मण्डल रबी गोष्ठी के दौरान जिलाधिकारी से मिला। किसान नेता संजीव यादव ने बीडा के गठन के निर्णय पर शासन व जिला प्रशासन का आभार जताया, लेकिन चयनित 33 गांवों के किसानों के मन में पनप रहे संशय के बारे में पूरी स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि बीडा को लेकर किसानों को चिंतित नहीं होना चाहिए। शासन का आदेश आने के बाद मूल्य निर्धारण समिति बनाई जाएगी, जो जमीन का रेट निर्धारित करेगी।


किसानों को बाजार की कीमत से ज्यादा मिलेगा रेट

उन्होंने कहा कि इससे सर्किल रेट बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सरकार किसानों को बाजार की कीमत से भी ज्यादा कीमत देगी। इस क्षेत्र के औद्योगिक विकास से युवाओं व अन्य लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों की जमीन उनकी सहमति के आधार पर ली जाएगी, जो देना चाहेंगे उसकी जमीन ही ली जाएगी। इस दौरान कमलेश लम्बरदार, केदार भार्गव, अविनाश भार्गव, नरेन्द्र निरंजन, रोहित प्रधान, रामेश्वर, कैलाश नारायण, राजीव, विवेक राजपूत आदि उपस्थित रहे।

अब सर्किल रेट बढ़ाना संभव नहीं

जनपद में प्रतिवर्ष डीएम सर्किल रेट तय किए जाते हैं। इस वर्ष सर्किल रेट में महानगर व आसपास के गांवों में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गयी। सर्किल रेट की बढ़ोतरी की प्रक्रिया के बीच ही शासन स्तर पर बीडा के गठन की प्रक्रियाएं भी शुरू हो गयी। इस तरह जनपद में नए सर्किट रेट लागू हो गए, लेकिन इन गांवों को इसमें शामिल नहीं किया गया। अब किसान आंदोलित हैं और जिला प्रशासन से सर्किल रेट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अब शासन की अनुमति के बगैर जिला प्रशासन के लिए सर्किल रेट बढ़ाना आसान नहीं है। इसलिए अब मूल्य निर्धारण समिति के माध्यम से किसानों की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया है।

Published on:
21 Oct 2023 08:56 pm