
Atiq Ahmed Sons Asad And Aban Died: उत्तर प्रदेश के माफिया अतीक अहमद के कुनबे के लिए झांसी एक ऐसा स्थान बनकर उभरा है, जहां उसके परिवार की नई पीढ़ी के दो चिराग हमेशा-हमेशा के लिए बुझ गए। 13 अप्रैल 2023 को इसी झांसी की धरती पर अतीक का तीसरा बेटा असद अहमद उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया था। अब ठीक तीन साल बाद, उसी झांसी के पूंछ थाना क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में अतीक के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की भी मौत हो गई।
इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही तैर रहा है कि क्या पिछले तीन सालों से लगातार फरार चल रही अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अपने चौथे बेटे को खोने के बाद सामने आएंगी?
उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही शाइस्ता परवीन अंडरग्राउंड हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ और एटीएस ने देश के करीब 9 राज्यों में छापेमारी की, लेकिन शाइस्ता का कोई सुराग नहीं मिल सका। पुलिस ने उन पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। जब अप्रैल 2023 में असद का एनकाउंटर हुआ था, तब भी यह कयास लगाए जा रहे थे कि एक मां अपने बेटे के अंतिम संस्कार में जरूर पहुंचेगी। इसके ठीक दो दिन बाद जब प्रयागराज में अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या हुई, तब भी शाइस्ता के सरेंडर या जनाजे में पहुंचने की मजबूत खबरें आईं। हालांकि, पुलिस की सख्त नाकेबंदी और खुफिया तंत्र की पैनी नजरों के बीच शाइस्ता ने खुद को पूरी तरह दूर ही रखा।
अब सबसे छोटे बेटे अबान की मौत के बाद एक बार फिर कयासों का बाजार गर्म है। अबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने बड़े भाई अली से मिलकर वापस लौट रहा था, तभी उसकी कार अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो गई। बताया जा रहा है कि अबान के शव को भी प्रयागराज के कसारी-मसारी कब्रिस्तान में ही पिता अतीक और भाई असद की कब्रों के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन ने कसारी-मसारी कब्रिस्तान और संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों और सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या कानून की पकड़ से बचती आ रही शाइस्ता इस बार अपनी ममता के सामने घुटने टेककर बाहर आएंगी या फिर पहले की तरह खुद को पुलिस की नजरों से दूर रखेंगी।