सन् 2015 से था झांसी जेल में, बीच में किया गया था पीलीभीत ट्रांसफर
झांसी। उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन प्रेमप्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी को मौत झांसी से खींचकर बागपत ले गई। रविवार को ही उसे एक पेशी के सिलसिले में कड़ी सुरक्षा के बीच झांसी से बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था और सोमवार को सुबह-सुबह बागपत जेल में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। मुन्ना बजरंगी सन् 2015 से झांसी जेल में बंद था। तब उसे सुल्तानपुर से झांसी जिला जेल में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद बीच में उसे झांसी से पीलीभीत जेल में भी शिफ्ट किया गया था। फिर स्वास्थ्य कारणों के चलते कोर्ट के आदेश पर फिर से झांसी जेल में शिफ्ट कर दिया गया था।
एंबुलेंस से भेजा गया मुन्ना बजरंगी
माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को बागपत कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच रविवार को एंबुलेंस से भेजा गया था। पिछले वर्ष मुन्ना बजरंगी पर पूर्व विधायक और उसके भाई को धमकाने का आरोप है। इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी थी। इसी के कारण रविवार को जेल के बाहर भारी पुलिसबल की मौजूदगी में उसे रवाना किया गया था।
ये था मामला
बड़ौत के पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से 22 सितंबर 2017 को फोन पर रंगदारी मांगने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप था। यह मामला बागपत की कोतवाली में दर्ज हुआ था। पुलिस की छानबीन में लखनऊ के सुल्तान अली और झांसी जेल में बंद मुन्ना बजरंगी का नाम उसमें सामने आया था। इसी सिलसिले में पिछले सप्ताह बागपत की कोतवाली पुलिस ने झांसी जेल में तलबी भेजी थी, ताकि मुन्ना बजरंगी को कोर्ट में पेश किया जा सके। इसी को लेकर अदालत के आदेश का पालन कराने के लिए रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच मुन्ना बजरंगी को बागपत रवाना किया था। वहां उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।