झांसी

अब जनरल बिपिन रावत के नाम से जाना जाएगा झांसी किले का यह मैदान

- किले का यह मैदान कई ऐतिहासिक घटनाओं का रहा गवाह- इस मैदान में हो चुके कई हैं बड़े राजनीतिक कार्यक्रम

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Dec 17, 2021
Now this ground of Jhansi Fort will be known as General Bipin Rawat

झांसी. बुन्देलखंड के ऐतिहासिक किले की तलहटी में स्थित मैदान का नाम भारत के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखा जाएगा। यह मैदान अब ‘जनरल बिपिन रावत ग्राउंड’ के नाम से जाना जाएगा। नगर निगम सदन की बैठक में सदर विधायक रवि शर्मा ने मैदान के नाम को परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा था जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया है।

दरअसल, 19 नवंबर को राष्ट्रीय रक्षा पर्व के समापन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जनरल बिपिन रावत भी इस मैदान में मौजूद थे। उन्होंने झांसी और महारानी लक्ष्मीबाई की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया था। इस कार्यक्रम में उन्होंने रानी के सम्मान में कविता ‘खूब लड़ी मर्दानी…’ की कुछ पंक्तियां भी सुनाई थीं। झांसी किले की तलहटी में स्थित यह मैदान कई ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह रहा है। वीरांगना महारानी लक्ष्मी बाई जब किले से अपने घोड़े पर बैठकर कूदी थीं तो वह इसी मैदान से होकर गुजरी थी। यह मैदान शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। इसके अलावा इस मैदान में कई बड़ी राजनीतिक कार्यक्रम भी हो चुके हैं।

हेलीकॉप्टर में गंवाई जान

गौरतलब है कि भारत के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत का 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया। इस हादसे में रावत, उनकी पत्नी समेत 13 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। उनकी इस असामयिक मृत्यु से पूरे देश में शोक की लहर फैल गई थी। पूरे देश ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि दी थी और अब झांसी में इस ऐतिहासिक ग्राउंड का नाम उनके नाम पर रखा जा रहा है।

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Updated on:
17 Dec 2021 03:05 pm
Published on:
17 Dec 2021 02:36 pm
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