UP News: किसानों की आय बढ़ाने में अब नाबार्ड की मदद मिलेगी। किसानों को तुलसी और स्ट्रॉबेरी की खेती में आर्थिक मदद मुहैया कराएगा।
किसानों को एक बार फिर अपनी आय दो गुना करने का मौका मिल है। इसकी शुरुआत झांसी से की जा रही है। यहां स्ट्राबेरी और तुलसी की खेती के लिए नाबार्ड आर्थिक मदद उपलब्ध कराए। बैंकर्स को भी दो टूक कहा कि यदि बैंकर्स एफपीओ को ऋण देने में लापरवाही करेंगे तो सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। डीएम रविन्द्र कुमार ने निर्देश दिए कि एफपीओ किसानों को आर्गेनिक और प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें।
किसानों को आय बढ़ाने और उनकी फसल को वाजिब दाम दिलाने के लिए एफ पीओ प्रेरित करें। एफपीओ से कहा कि अपनी आय बढ़ाने के लिए ग्राम स्तर पर संगठित होकर किसानों को ऑर्गेनिक और प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करें। जीरो बजट की खेती बुंदेलखंड के लिए वरदान है। सुझाव दिया कि बुंदेलखंड के किसान परंपरागत खेती के अलावा फल, फूल, सब्जी की भी खेती के साथ पशु पालन करें। कंपनियों से संपर्क कर सीधे फसल बेचें, ताकि देश एवं प्रदेश की मंशानुसार कृषक की आय दोगुनी हो।
जीरो बजट में जैविक खेती
जीरो बजट की खेती का सुझाव देकर कहा, वैज्ञानिक विधि से जैविक खेती करें। गोबर, कूड़ा-कचरा, फसल के अवशेष खाद के रूप में खेतों में प्रयोग करें। अपनी खेत की सुरक्षा के लिए मेढ़ पर बांस लगाए। खस व लेमन ग्रास भी किसानों को लगाए जाने का सुझाव दिया। कहा, कृषकों की उन्नति को ध्यान में रखते हुए ही एफपीओ का गठन किया। किसानों की आय में बढ़ोतरी के लिए प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जायेगा।
बैंक असानी से दें ऋण
बुन्देलखंड में स्ट्रॉबेरी और तुलसी की खेती को बढ़ावा देने के लिए डीडीएम नाबार्ड भूपेश पाल को निर्देश दिए कि किसानों को स्ट्रॉबेरी और तुलसी की खेती के लिए ऋण उपलब्ध कराएं,ताकि किसान पारंपरिक खेती के अतिरिक्त भी खेती करते हुए अपनी आय बढ़ा सकें। एलडीएम से कहा, एफपीओ के ऋण संबंधित प्रकरणों में बैंक द्वारा यदि हीला हवाली की जाती है तो सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने ऋण संबंधित प्रकरणों की निस्तारण समय से करने के निर्देश दिए।