लोगों को प्लाज्मा दान करने के लिए किया जा रहा प्रेरित
झांसी. उत्तर प्रदेश में गंभीर रूप से संक्रमित कोरोना (Cornoa) मरीजों के लिए प्लाज्मा थेरेपी संजीवनी साबित हो रही है। इसकी कमी से किसी मरीज की जान न जाए, इसके लिए अब तक 300 लोग अपना प्लाज्मा दान कर चुके हैं, जो 600 मरीजों का जीवन बचाने में काम आया है। महादानियों के इस दान से तमाम मरीजों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा चुका है। कोरोना वायरस (Corona Virus) का संक्रमण की रफ्तार से झांसी की धरती को अपने दायरे में लेता जा रहा है। इसके साथ ही मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। मरने वालों में तमाम लोग ऐसे हैं, जिन्हें समय पर प्लाज्मा नहीं मिल पाया। मरीज के परिजनों को प्लाज्मा हासिल करने के लिए यहां-वहां नहीं भटकना पड़े, उन्हें ये आसानी से उपलब्ध हो जाए। जिन लोगों में एंटीबॉडी बन चुकी है, उन्हें प्लाज्मा दान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अब तक तीन सौ लोग अपना प्लाज्मा दान दे चुके हैं।
प्लाज्मा दो संक्रमितों के काम आता है। इस हिसाब से कोरोना के गंभीर रूप से संक्रमित 600 मरीजों को प्लाज्मा दिया जा चुका है। इसके अलावा जन सामान्य के लोग भी लगातार प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आ रहे हैं। गंभीर रूप से कोरोना संक्रमितों के इलाज में प्लाज्मा थैरेपी बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। प्लाज्मा थैरेपी की वजह से कोरोना के कई गंभीर रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। मरीज भी ये कहने लगे हैं कि वे स्वस्थ होने के बाद अपना प्लाज्मा दान करेंगे। आने वाले दिनों में कोरोना से निपटने के लिए ये शुभ संकेत है।
जान बचाने को चलाई जा रही प्लाज्मा दान करने की मुहिम
आपदा के इस दौर में मानव को ही मानव के काम आना होगा। यदि आपके माध्यम से किसी की जान बच जाए, तो इससे बड़ा और कोई पुनीत कार्य नहीं हो सकता है। लोग बढ़-चढ़कर प्लाज्मा दान करने के लिए आगे आ रहे हैं। प्लाज्मा दान करे के बाद बेहद संतोष मिलता है। गंभीर रूप से कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए प्लाज्मा थैरेपी संजीवनी का काम कर रही है। प्लाज्मा हजारों लोगों के शरीर में मौजूद है। बावजूद, इसकी कमी से मरीजों की जान जा रही है। ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसी वजह से प्लाज्मा दान की मुहिम चलाई जा रही है।