झांसी

healthy diet: इस सब्जी में बड़े-बड़े गुण, दही से दो गुना प्रोटीन और दूध से चार गुना ज्यादा कैल्सियम

बच्चों को सुपोषित बनाने की दिशा में बड़ी पहल, आंगनबाड़ी केंद्र और विद्यालयों में होने जा रहा है ये काम
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Updated: 4 Sep 2019, 6:15 AM IST
sahjan contains more protien than curd and more calcium than milk
healthy diet: इस सब्जी में बड़े-बड़े गुण, दही से दो गुना प्रोटीन और दूध से चार गुना ज्यादा कैल्सियम

झांसी। बुंदेलखण्ड की क्षेत्रीय सब्जी सहजन के गुण बताते हुये सीडीपीओ रामेश्वर पाल ने बताया कि सहजन बहुत ही गुणकारी सब्जी है। यह स्थानीय स्तर पर आसानी से लग जाती है, इसी के साथ पपीता और अनार भी आसानी से लग जाते है।

सहजन के गुण

- दही से भी दोगुना अधिक प्रोटीन

- गाजर से भी चार गुना अधिक विटामिन ए

- दूध से भी चार गुना अधिक कैल्शियम

- संतरा से भी सात दूना अधिक विटामिन सी

- 0 प्रतिशत कोलेस्ट्रोल

सीडीपीओ ने बताया कि कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और मजबूत भारत के निर्माण के उद्देश्य से सितम्बर को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसमें प्रत्येक दिन अलग अलग मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी की कड़ी में जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में पोषण वाटिका लगाने का कार्यक्रम मनाया गया। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान को विभिन्न विभागों के समन्वय से जन आन्दोलन के रूप में चलाया जा रहा है। इसमें न केवल लाभार्थी व उसका परिवार बल्कि पूरे समुदाय के सभी वर्ग को पोषण की महत्ता के प्रति जागरूक किया रहा है। महिलाओं, किशोर-किशोरियों एवं बच्चो में कुपोषण की व्यापकता होने के कारण ‘पोषण वाटिका’ बनाई जा रही है, जिससे कि समुदाय को उनके स्थानीय स्तर पर पोषण युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जागरूक किया जा सके।

कई विभाग मिलकर कर रहे हैं काम

जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि पोषण अभियान के लक्ष्यों की पूर्ति हेतु पोषण वाटिका के संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग, उद्यान एवं प्रसंस्करण विभाग तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। बाल विकास परियोजिना अधिकारी रामेश्वर पाल ने बताया कि इस पोषण वाटिका का उद्देश्य घरेलू स्तर पर पोषण संबंधी साग सब्जी प्रयोग की महत्वता पर प्रकाश डालना है, जिससे लोग घरेलू स्तर पर ही पोषण युक्त साग-सब्जियां उगाकर उसका प्रयोग करें।

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