प्रेमिका का रिश्ता तय हो जाने से दुखी पीआरडी जवान ने मंगलवार रात अपने घर में फंदे से लटक कर जान दे दी। फंदे पर उसकी लाश लटकी देख परिजनों में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव को फंदे से उतर कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
जिले में PRD जवान ने फंदे से लटक कर जान दे दिया। पिछले दिनों उसकी प्रेमिका का रिश्ता तय हो गया था। मरने से पहले उसने फोन पर करीब एक घंटे तक प्रेमिका से बात की। इसके बाद घर आकर पत्नी को पानी लाने भेज दिया और कमरा बंद करके फांसी लगा ली। पत्नी और परिवार के अन्य लोग उसे फंदे पर लटकते हुए देख रहे थे। लेकिन जब तक वे खिड़की तोड़कर अंदर दाखिल होते, उससे पहले ही PRD जवान फंदे पर झूल गया और उसकी मौत हो गई। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मामला रक्सा थाना क्षेत्र के डिकौली गांव का है।
रामबाबू अहिरवार (32) रक्सा थाना क्षेत्र के डिकौली गांव का रहने वाला था। उसके भाई संतराम अहिरवार ने बताया कि “मेरे भाई रामबाबू 9 साल से पीआरडी में नौकरी कर रहे थे। मंगलवार शाम को वह ड्यूटी से घर लौटे और फिर मौसी की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए कसोदन गांव चले गए। वहां से रात करीब 11:30 बजे वह घर लौटे।
उन्होंने अपनी पत्नी संगीता को पानी लाने के लिए भेज दिया। उनके जाते ही कमरे की कुंदी बंद कर ली। पत्नी ने खिड़की से देखा तो भाई फांसी लगा रहे थे। उनके चिल्लाने पर परिवार के अन्य लोग एकत्र हो गए। तुरंत खिड़की को तोड़ा गया। लेकिन तब तक भाई पंखे पर साड़ी से फंदा बनाकर झूल गए। अंदर जाकर देखा तो भाई की मौत हो चुकी थी।”
संतराम ने आगे बताया “भाई को पास की एक गांव की अविवाहित लड़की ने अपने प्रेमजाल में फंसा लिया था। अब उसका रिश्ता तय हो चुका था। ये रिश्ता भी भाई ने तय कराया था। मरने से पहले भाई ने फोन पर उसी लड़की से करीब एक घंटे तक बातचीत की है। दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इसके बाद भाई रामबाबू ने सुसाइड किया है।”
भाई ने आगे कहा कि हमारे भाई की मौत हो गई। हम चाहते हैं कि हमें न्याय मिले। पुलिस जांच कर, जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई करे।
रामबाबू की मौत के बाद रक्सा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बुधवार को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जा रही है।
इधर, रामबाबू की मौत के बाद घर में मातम का माहौल है। पत्नी और अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। रामबाबू की 11 साल की बेटी और 8 साल का बेटा है। बेटी दिव्यांग हैं। रामबाबू से बड़ी एक बहन और एक छोटा भाई है। उनकी भी शादी हो चुकी है। माता-पिता मजदूरी करते हैं।