World Stroke Day 29October: स्ट्रोक को पहचानने में ये FAST नियम है कारगर
झांसी। वर्ल्ड स्ट्रोक ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार दुनिया में करीब आठ करोड़ लोग अपनी जिंदगी में दिमाग के दौरे का अनुभव करते ही करते हैं। इसमें से करीब 5 करोड़ लोग किसी प्रकार की अपंगता से प्रभावित हो जाते हैं। बहुत से लोगों का जीवन वैसा नहीं रहता जैसा वो व्यतीत करते थे। डॉ॰ डी॰ एस॰ गुप्ता के अनुसार ऐसे तो किसी भी उम्र में इसका खतरा हो सकता है, लेकिन 18 से ऊपर की उम्र में कम और 45 से ऊपर की उम्र के लोगों में इसका ज्यादा खतरा होता है। उनके अनुसार उन्होंने अभी तक झांसी में 48 ऐसे मरीजों को ठीक किया है जिसे दिमाग का दौरा पड़ा। और यह वह नंबर हैं जो उनके पास सही समय पर पहुंच गए। जबकि बहुत से ऐसे लोग हैं जो सही समय और सही देखभाल न होने की वजह से इसके कारण अपंगता का शिकार हो जाते हैं। वैश्विक स्तर पर भी स्ट्रोक मृत्यु और अक्षमता का एक कारण है स्ट्रोक।
कैसे पहचाने स्ट्रोक (दिमाग के दौर) को।
स्ट्रोक को पहचानने के लिए एक नियम है, जिसका नाम है FAST यानी कि FACE, ARMS, Speech, Time मतलब चेहरा, बाहें, बोलना और समय।
· चेहरा- किसी व्यक्ति का चेहरा टेड़ा या एक और गिरता हुआ सा दिखना।
· बाहें- हाथों मेँ किसी प्रकार की जान ना रहना, यदि उन्हे उठाए जाए तो वो खुद व खुद नीचे आ जाए।
· बोलना- आवाज मेँ थरथराहट।
· समय- यदि ऊपर दिये गए चिन्ह किसी मेँ भी दिखते हैं तो बिना समय गंवाए उसे चिकित्सक को जरूर दिखायें।
कैसे बचें-
· अपने उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखें, आधे दिमाग के दौरे उच्च रक्तचाप की वजह से ही होते हैं।
· हफ्ते मेँ 5 बार नियमित व्यायाम करें।
· संतुलित भोजन खायें।
· अपने वजन को नियंत्रित रखें।
· कोलेस्ट्रॉल को कम करें।
· धूम्रपान बंद करें।
· मादक पदार्थों का प्रयोग न करें।
· अनियमित दिल की गति को पहचानें और उसका इलाज करवाएं।
· मधुमेह को नियंत्रित करें और उससे बचें।
· स्ट्रोक के बारे मेँ जानकारी बढ़ाएं और सचेत रहें।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. डी॰ एस॰ गुप्ता के अनुसार लकवा (स्ट्रोक) दिमाग के दौरे को कहते हैं। और यह दिमाग में जमे खून के थक्कों की वजह से पड़ता है। उच्च रक्तचाप और शुगर (मधुमेह) की वजह से यह होता है। यदि किसी व्यक्ति का चेहरे का टेड़ा हो जाए, उसे एक बांह या पैर में कमजोरी महसूस हो, आवाज में थरथराहट आ जाए तो समझ लें कि उसे लकवा मार गया है। ऐसी हालत में उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में लेकर जाएं।