झुंझुनू

झुंझुनूं में भ्रूण लिंग जांच का काला कारोबार, पांचवीं बार पकड़ा गया हिस्ट्रीशीटर रविसिंह, कोख में ही मार चुका 10,000+ बेटियां

Illegal Business In Rajasthan: पुलिस ने दबिश देकर गिरोह को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट, कैमरा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की गईं हैं।

2 min read
Aug 01, 2025
भ्रूण लिंग जांच का आरोपी हिस्ट्रीशीटर रविसिंह (फोटो: पत्रिका)

Illegal Business Of Gender Determination In Rajasthan: झुुंझुुंनूं जिले के शिमला गांव में भ्रूण लिंग जांच करते पकड़ा गया मुख्य आरोपी रविसिंह पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत घोषित प्रदेश का दूसरा हिस्ट्रीशीटर है। वह पांचवीं बार भ्रूण परीक्षण के अपराध में पकड़ा गया है। उस पर भ्रूण लिंग जांचकर अब तक करीब दस हजार से अधिक बेटियों का कोख में ही कत्ल करवाने का आरोप है। बावजूद इसके उसने अपराध की राह नहीं छोड़ी और फिर से इस काले धंधे में सक्रिय हो गया।

गौरतलब है कि हरियाणा पीसीपीएनडीटी सेल ने बुधवार को शिमला गांव में छापामारी कर मुख्य आरोपी रविसिंह के साथ अचीणा (चरखी दादरी) निवासी उमेश और रामनगर (कठुमर) निवासी भरत को धरदबोचा, जबकि एक आरोपी अमित कुमार अभी फरार है।

ये भी पढ़ें

Decoy Operation: खंडहर में कर रहे भ्रूण लिंग जांच, 50 से 80 हजार में तय होता था सौदा, यूं आए गिरफ्त में

डिकॉय ऑपरेशन में हुआ खुलासा: बताया ‘लड़की’ है

ऑपरेशन को अंजाम देने वाले झुंझुनूं पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर आनंद कुमार ने बताया कि एक महिला को डिकॉय बनाकर भेजा गया था, जिसकी भ्रूण जांच कर आरोपी ने गर्भ में लड़की होना बताया। इसी दौरान पुलिस ने दबिश देकर गिरोह को पकड़ लिया। आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट, कैमरा सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की गईं हैं।

सिंघाना थाने का हिस्ट्रीशीटर, लगातार कर रहा अपराध

थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि रविसिंह सिंघाना थाने का हिस्ट्रीशीटर है। वह जमानत पर छूटते ही फिर से भ्रूण जांच के काले कारोबार में सक्रिय हो जाता है।

50 हजार में डील, 26 हजार ही बरामद

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि भ्रूण जांच के लिए 50 हजार रुपए में सौदा तय हुआ था, जिसमें दलालों को अग्रिम राशि दे दी गई थी। फिलहाल पुलिस 26 हजार रुपए ही बरामद कर पाई है, बाकी रकम और जांच में उपयोग की गई पोर्टेबल मशीन की तलाश जारी है।

2015 से 2025 तक पांच मुकदमे, फिर भी नहीं मान रहा

रविसिंह के खिलाफ वर्ष 2015 में खेतड़ी, 2016 में बिसाऊ, 2017 में बबाई, 2019 में सुलताना और अब 2025 में शिमला गांव में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुए हैं। इनमें से दो मामलों में आरोपी कोर्ट से बरी हो चुका है, लेकिन उसका आपराधिक सिलसिला नहीं थमा।

दो दिन का पुलिस रिमांड, फरार आरोपी की तलाश

गहली चौकी प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को नारनौल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। फरार आरोपी अमित कुमार की तलाश जारी है। साथ ही पुलिस इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है।

ये भी पढ़ें

राजस्थान में ACB की बड़ी कार्रवाई, रंगे हाथों पकड़े गए रिश्वतखोर VDO, रीडर और नगरपालिका के वरिष्ठ सहायक समेत 4 लोग

Published on:
01 Aug 2025 12:46 pm
Also Read
View All

अगली खबर