झुंझुनू

250 साल से चली दादूपंथी परंपरा आज भी कायम

उदयपुरवाटी. नवरात्र शुरू होने के साथ ही दादूपंथी समाज की ओर से विजयादशमी पर्व की ढाई सौ साल पुरानी परंपरा के तहत धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। इस परंपरा के तहत दादूपंथी पांचों अखाड़ा की ओर से दस दिनों तक तरह-तरह के आयोजन होते हैं। दादूपंथी समाज व नगरपालिका के संयुक्त तत्त्वावधान में होने वाले इस महोत्सव में सर्व समाज के लोग हिस्सा लेते हैं।
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250 years of tradition continues today
250 साल से चली दादूपंथी परंपरा आज भी कायम

250 साल से चली दादूपंथी परंपरा आज भी कायम

चांदमारी रस्म के साथ दशहरा महोत्सव शुरू
उदयपुरवाटी. नवरात्र शुरू होने के साथ ही दादूपंथी समाज की ओर से विजयादशमी पर्व की ढाई सौ साल पुरानी परंपरा के तहत धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं। इस परंपरा के तहत दादूपंथी पांचों अखाड़ा की ओर से दस दिनों तक तरह-तरह के आयोजन होते हैं। दादूपंथी समाज व नगरपालिका के संयुक्त तत्त्वावधान में होने वाले इस महोत्सव में सर्व समाज के लोग हिस्सा लेते हैं। कस्बे का विजयादशमी महोत्सव पड़ोसी जिलों में भी काफी प्रसिद्ध है। दशहरे के दिन दादूपंथी समाज के पंचायत पांचों अखाड़े के कलाबाज हैरतअंगेज कारनामे दिखाते हैं। दस दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव के लिए दशहरा उत्सव प्रबंध समिति की देखरेख में जमात स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में तैयारियां चल रही हैं। समिति के गिरवरदास स्वामी व शिवपालदास स्वामी ने बताया कि दादूपंथी समाज की ढाई सौ साल पुरानी परंपरा पूरे जयपुर संभाग में एक मिसाल है। नवरात्र के पहले दिन परंपरागत तरीके से चांदमारी के रिहर्सल, दादूवाणी के अखंड पाठ, शस्त्र पूजन, कथा प्रवचन शुरू कर दिया गया है। उत्सव के तहत विजय पताका फहराने के लिए रणभेरी, नोबत, ढोल, ततड़ी-ताशा व झांझ बजने लगे हैं। दशहरा उत्सव के दौरान प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती व दादूवाणी के पाठ, चांदमारी की रस्म, श्री दादू मन्दिर एवं बालाजी मन्दिर में विशेष आरती होगी। इस दौरान रसोईपूजा, चादर दस्तूर, सवामणी-प्रसाद, अधिवेशन जैसे कार्यक्रम होंगे।
कस्बे में झुंझुनूं रोड स्थित जमात इलाके का संबंध जयपुर के राजदरबार से है। जयपुर राजा सवाई मानसिंह ने कस्बे में जमात नामक क्षेत्र बसाया। जमात में राजा मानसिंह ने अपनी दादूपंथी सेना को बसाया। दादूपंथी सेना हर वर्ष दशहरा महोत्सव को काफी जोर-शोर से मनाती है। दस दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम चलते हैं साथ ही दशहरे के दिन होने वाले हैरतअंगेज कारनामों का रिहर्सल भी किया जाता है। उदयपुरवाटी में दशहरे के दिन रावण दहन व कारनामे देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ उमड़ती है। दादूपंथी समाज का पांचों अखाड़ा का दशहरा महोत्सव सामाजिक एकता की मिसाल है।दशहरे की पूर्व संध्या पर मंगलकामना हवन होगा। विजयदशमी के दिन सुबह 4बजे जुजरबे(रेखला) से 101सलामी दी जाएगी। सुबह साढ़े पांच बजे हवन की वेदी पर शस्त्रों की पूजा होगी। 11बजे दादू मंदिर में दादूवाणी की आरती होगी। शाम 4बजे रावण दहन के लिए दादूपंथियों का दल रवाना होकर नांगल नदी पहुंचेगा। रावण दहन के बाद शस्त्र-पूजन के साथ ही महोत्सव संपन्न हो जाएगा।

Updated on:
11 Oct 2018 12:17 pm
Published on:
11 Oct 2018 12:17 pm