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कोरोना की लहर में कमजोर होने के बाद राजस्थान में फिर से बढ़ने लगी यह घातक बीमारी

Swine Flu Increases In Rajasthan : देश और राजस्थान में कोरोना महामारी के बीच स्वाइन फ्लू का दम घुट सा गया था। देश-प्रदेश में स्वाइन फ्लू के केस घटे और इससे होने वाली मौतों में भी गिरावट दर्ज की गई। मगर कोविड के बाद से लोगों ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। नतीजा, इस साल के दो महीनों में ही स्वाइन फ्लू से देश में 77 लोगों की मौत हो गई।  

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कोरोना की लहर में कमजोर होने के बाद राजस्थान में फिर से बढऩे लगी यह घातक बीमारी

Swine Flu Increases In Rajasthan : देश और राजस्थान में कोरोना महामारी के बीच स्वाइन फ्लू का दम घुट सा गया था। देश-प्रदेश में स्वाइन फ्लू के केस घटे और इससे होने वाली मौतों में भी गिरावट दर्ज की गई। मगर कोविड के बाद से लोगों ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। नतीजा, इस साल के दो महीनों में ही स्वाइन फ्लू से देश में 77 लोगों की मौत हो गई। जबकि राजस्थान में 12 जनों की मौत हुई है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के आंकड़े बताते हैं कि कोविड के संक्रमण काल के दो साल में स्वाइन फ्लू से देश में महज 56 मौतें हुई थीं। आंकड़े बताते हैं कि देश में जहां 2021 में स्वाइन फ्लू के 778 केस मिले थे। वहीं 2024 के महज दो महीने में ही 2545 केस सामने आ चुके हैं।

देश में स्वाइन फ्लू पर एक नजर
साल केस मौत
2018 15266 1128

2019 28798 1218

2020 2752 44

2021 778 12

2022 13202 410

2023 8125 129

2024 (28 फरवरी) 2545 77

देश में दो महीने में यूं बढ़े केस
राज्य केस मौत
दिल्ली 474 00

गुजरात 245 09

हरियाणा 232 18

महाराष्ट्र 150 03

पंजाब 290 27

राजस्थान 534 12

तमिलनाडू 168 00

उत्तराखंड 148 00

बचाव के लिए सावधानी जरूरी
स्वाइन फ्लू से बचने के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार छींकते और खांसते समय अपनी नाक और मुंह को रुमाल से ढक़कर रखना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का प्रयोग भी करना जरूरी। वार्षिक फ्लू टीका भी लगवाया जा सकता है।

ये लक्षण दिखें तो जांच जरूरी
स्वाइन फ्लू में मुख्यत: बुखार, खांसी, गले में खराश, ठंड लगना, शरीर में दर्द और कमजोरी, सांस फूलने और सिरदर्द की शिकायत भी हो सकती है। गर्भवती महिलाओं और उम्रदराज लोगों में गंभीर संक्रमण का खतरा रहता है।

इसलिए कोविड में रहा नियंत्रण
देश में कोविड से पहले स्वाइन फ्लू अनियंत्रित होता जा रहा था। हर साल हजारों केस सामने आ रहे थे। मौतों का आंकड़ा भी डरा रहा था। मगर कोविड के संक्रमण काल में लोगों की सावधानी, मास्क के प्रयोग और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के कारण स्वाइन फ्लू पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया था। इसके बाद लोगों ने फिर से लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। जिससे केस भी बढऩे लगे।

Published on:
30 Mar 2024 03:48 pm
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