
झुंझुनूं। CBSE Exam Results 2023: सीबीएसई की ओर से शुकव्रार को जारी किए गए दसवीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम में झुंझुनूं के होनहारों ने परचम लहराया है। परीक्षा परिणाम देखकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ स्कूल संचालकों की भी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिले के कई छात्र-छात्राओं ने अच्छे अंक हासिल कर अपने शहर, कस्बे, गांव व अभिभावकों का नाम रोशन किया है।
तनाव मुक्त होकर पढ़ाई की
पिलानी की छात्रा शमायिता राय ने सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में 99.2 प्रतिशक अंक हासिल किए हैं। उसके 500 में से 496 नंबर आए हैं। वह भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती है। शमायिता ने बताया कि उसने चैप्टर के अनुसार पढाई की। उसने एनसीआरटी को बार-बार रिवाइज किया और चैप्टर के टेक्स्ट को पूरी तरह से पढा और समझा। वहीं एग्जाम के दिन कभी भी मार्क्स की चिंता नहीं की। शमायिता की मम्मी मधुश्री सरकार बिट्स पिलानी में केमिस्ट्री की प्रोफेसर है। पिता एक कंपनी में कोलकाता में वाइस प्रेसीडेंट है। उसके संस्कृत, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में 100 में से 100 नंबर आए है। वह रिलेक्स होने के लिए गाने सुनती है। साथ ही पेंटिंग का भी है शौक है।
दादी का सपना कर रहा पूरा
चिड़ावा शहर के वार्ड 15 निवासी अंशुमन शर्मा पुत्र विकास शर्मा ने दसवीं में 98.80 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इसके लिए उसने नियमित रूप से सात-आठ घंटे अध्ययन किया। अंशुमन की दादी का सपना था कि वह अच्छे अंक हासिल कर नाम रोशन करे। दादी का इस साल जनवरी में निधन हो गया। लेकिन अंशुमन उनका सपना पूरा करने में लगा है। अंशुमन ने बताया कि वह आईआईटी टॉपर बनना चाहता है। उसने सफलता का श्रेय दादा फतेहचंद शर्मा, पिता आर्मी में लिपिक विकास शर्मा, माता गृहणी सुनीता देवी, संस्थान संरक्षक विजयसिंह कुल्हार, डायरेक्टर संजय कुल्हार, वाइस प्रिंसीपल पूनम कुल्हार को दिया।
लक्ष्य तय कर की पढ़ाई
झुंझुनूं के छात्र अक्षत अग्रवाल ने सीबीएसई दसवीं के परिणाम में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। बजावा रावतका हाल झुंझुनूं निवासी अमित अग्रवाल व नीतू अग्रवाल के बेटे अक्षत ने बताया कि वह रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई करता है। उसका लक्ष्य आईआईटी सेक्टर में जाने का है। अक्षत का मानना है कि रोजाना सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई व अन्य कार्यों को करने के लिए लक्ष्य तय करें। पढ़ाई करते समय बीच-बीच में ब्रेक लेते रहें और बिना किसी तनाव के तैयारी करें। अगर हर विद्यार्थी अपना लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करेगा तो उसे सफलता अवश्य मिलेगी। अक्षत ने सफलता का श्रेय दादा महेंद्र अग्रवाल, दादी उषा देवी, बहन नंदीनी अग्रवाल व शिक्षकों को दिया है।