
अंतिम संस्कार की और भारतीय नौसेना के जवान की फाइल फोटो: पत्रिका
Indian Navy soldier Kuldeep Diwach Last Rites: भारतीय नौसेना में कार्यरत झुंझुनूं के गांव घरडू की ढाणी निवासी लीडिंग एयरक्राफ्ट ऑर्डिनेंस मैकेनिक कुलदीप दिवाच की तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह पैतृक गांव पहुंची। देश सेवा के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वाले जवान को सैंकड़ों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। भारतीय नौसेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया। झुंझुनूं के सूरजगढ़ से घरडू की ढाणी तक तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, जनप्रतिनिधियों और युवाओं की बड़ी संख्या शामिल हुई।
पार्थिव देह घर पहुंचते ही मां सुभिता, पत्नी संगीता और अन्य परिजन बिलख पड़े। 18 माह की बेटी हर्षिता पिता को अंतिम बार निहारती रही, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। कुलदीप दिवाच 10 अगस्त 2018 को भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे। पिता सुभाष चंद्र के निधन के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मां सुभिता ने कठिन परिस्थितियों में दोनों बेटों का पालन-पोषण किया। उनके बड़े भाई प्रदीप भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं।
6 जुलाई को मुंबई में ड्यूटी पर जाते समय अंधड़ के दौरान पेड़ की शाखा गिरने से कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल में उपचार के दौरान 9 जुलाई को उनका निधन हो गया। अंतिम विदाई के दौरान पूर्व सांसद संतोष अहलावत, विधायक श्रवण कुमार, विधायक पीतराम काला, सैनिक कल्याण अधिकारी सुरेश जांगिड़, डीवाईएसपी विकास धींधवाल, नौसेना के अधिकारियों सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर वीर जवान को श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
नियति का ऐसा संयोग जिसने पूरे क्षेत्र की आंखें नम कर दीं। भारतीय नौसेना के जवान कुलदीप दिवाच का जन्म 10 जुलाई 1999 को हुआ था और ठीक 27 वर्ष बाद 10 जुलाई 2026 को अंतिम संस्कार हुआ। डयूटी के दौरान मुंबई में हुए हादसे में उनका निधन हो गया। कुलदीप 10 अगस्त 2018 को भारतीय नौसेना में भर्ती हुए थे तब वह 19 साल के थे।।
Updated on:
11 Jul 2026 11:26 am
Published on:
11 Jul 2026 10:54 am
