
Jhunjhunu Murder : मृतका प्रभाती देवी और हत्यारोपी बेटा राजवीर (फोटो-पत्रिका)
झुंझुनूं। जब राजवीर महज छह महीने का था, तभी उसके सिर से पिता का साया उठ गया। मां प्रभाती देवी ने आंसुओं को ताकत बनाया और अपने सबसे छोटे बेटे को पालने के लिए जिंदगी भर संघर्ष किया। मजदूरी से लेकर परिवार की जिम्मेदारियों तक, उन्होंने हर मुश्किल को हंसते हुए झेला। यही सपना था कि बेटा बड़ा होकर परिवार का सहारा बनेगा। किसे पता था कि जिस बेटे के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन खपा दिया, वही एक दिन उनकी जिंदगी छीन लेगा।
झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र के सिंगनौर गांव निवासी प्रभाती देवी के पति शीशराम डूडी सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में कार्यरत थे। वर्ष 1997 में हृदयाघात से उनकी मृत्यु हो गई। उस समय राजवीर की उम्र केवल छह महीने थी। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा होने के कारण वह मां की आंखों का तारा था। आर्थिक तंगी के बावजूद प्रभाती देवी ने कभी बेटे की परवरिश में कमी नहीं आने दी।
समय बीता और पिता की मृत्यु के करीब 18 वर्ष बाद राजवीर को अनुकंपा के आधार पर पीडब्ल्यूडी में क्लर्क की नौकरी मिल गई। परिवार को लगा कि अब संघर्ष के दिन खत्म हो जाएंगे। नौकरी मिलने के बाद उसकी शादी भी हुई और नवलगढ़ में उसने अपना घर बना लिया। मां को भी साथ रखकर नई जिंदगी शुरू की, लेकिन यह सुख ज्यादा दिन नहीं टिक सका।
बताया जा रहा है कि राजवीर धीरे-धीरे शराब की लत का शिकार हो गया। नशे की हालत में वह अक्सर मां और पत्नी से झगड़ा करता था। आए दिन होने वाले विवाद से परेशान होकर उसकी पत्नी अपने पांच वर्षीय बेटे को लेकर कुछ समय पहले पीहर चली गई थी। इसके बाद घर में सिर्फ मां और बेटा ही रह रहे थे।
बुधवार रात करीब 11 बजे घर के अंदर किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि गुस्से में राजवीर ने रसोई से चाकू उठाया और अपनी मां पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल प्रभाती देवी फर्श पर गिर पड़ीं। वारदात के बाद राजवीर ने अपनी बहन अनिता को फोन कर कहा, "मैंने मां को मार डाला।" यह सुनते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने प्रभाती देवी को मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर नवलगढ़ थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी राजवीर को घर से ही हिरासत में ले लिया। गुरुवार को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद पैतृक गांव सिंगनौर में अंतिम संस्कार किया गया।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। वारदात में इस्तेमाल चाकू जब्त किया गया और खून के नमूने भी एकत्र किए गए। मृतका के दामाद शिवकुमार की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Updated on:
09 Jul 2026 06:20 pm
Published on:
09 Jul 2026 06:14 pm
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