जनता परेशान हो रही है, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे जिम्मेदार प्रशासन व अधिकारियों ने दोनों आंख मूंद ली है।
राजस्थान के झुंझुनूं शहर में गंदे पानी की आपूर्ति के विरोध में भारत की जनवादी नौजवान सभा नगर कमेटी झुंझुनूं ने धरना प्रदर्शन किया। जिला महासचिव योगेश कटारिया, सोहेल बहलिवान व अन्य ने नगर परिषद आयुक्त झुंझुनूं को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया कि शहर में पेयजल की आपूर्ति हो रही है, वह नहर का पानी पीने योग्य नहीं है। इस पानी से अनेक बीमारियां पनप रही है। शहरवासी परेशान हैं। इसके अलावा शहर के अंदर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तुरंत प्रभाव से बदला जाए। नई स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। आवारा पशुओं काे सही जगह छोड़ा जाए। बायो मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाए। प्रदर्शन के दौरान सिकंदर पहाड़ियान, महिपाल पूनिया, हेमलता शर्मा, अजहरुद्दीन गहलोत, कृष्ण सैनी, तोफीक खोखर, प्रशांत सैनी व अन्य शामिल थे। इसके अलावा अनेक लोगों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर गंदे पानी की आपूर्ति को रुकवाने की मांग
इससे पहले भी शहरवासियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर नहरी पानी की क्वालिटी की नियमित जांच करवाने की मांग की थी। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया था कि नहरी पानी बदबूदार व मटमैला आ रहा है। उसमें कीड़ेपड़े हुए हैं। रामगोपाल महमिया व अन्य ने बताया कि शहर में फौज का मोहल्ला, चूणा चौक , गांधी चौक सहित आधे से ज्यादा शहर में नहर के सरकारी पानी में कीड़े आ रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। इस बारे में जिला कलक्टर को कई बार ज्ञापन भी दे चुके, लेकिन जनता की समस्या से किसी को कोई मतलब नहीं है।
समाजिक कार्यकर्ता व पानी पर काम करने वाले निरंजन जानू ने बताया कि अभी जो अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है, उसका कारण गंदे पानी की आपूर्ति भी है। जिला प्रशासन इस तरफ ध्यान ही नहीं दे रहा। जनता परेशान हो रही है, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। ऐसा लग रहा है जैसे जिम्मेदार प्रशासन व अधिकारियों ने दोनों आंख मूंद ली है।