झुंझुनू

ईडी व सीबीआई की कार्रवाई का खौफ दिखाकर महिला प्रोफेसर से 7.67 करोड़ की ठगी

महिला ने अपनी बचत और कमाई ही नहीं बल्कि 80 लाख रुपए एक बैंक से लोन लेकर भी ठगों को भेज दिए। ठगों ने बताया कि डिजिटल वेरिफिकेशन व सुप्रीम कोर्ट में मामला हल होते ही आपका सारा पैसा वापस मिल जाएगा। दो फरवरी 2024 को आरोपियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्र्ट से मामले का परिणाम आते ही आपका पैसा आपके खाते में आ जाएगा। इसके बाद 15 फरवरी तक संपर्क नहीं होने पर डर गई और सदमे में रहने लग गई।
3 min read
ईडी व सीबीआई की कार्रवाई का खौफ दिखाकर महिला प्रोफेसर से 7.67 करोड़ की ठगी
ईडी व सीबीआई की कार्रवाई का खौफ दिखाकर महिला प्रोफेसर से 7.67 करोड़ की ठगी

Female professor cheated of Rs 7.67 crore : बिट्स पिलानी में कार्यरत एक महिला प्रोफेसर के साथ बड़ी ठगी हुई है। उससे ईडी व सीबीआई की कार्रवाई का डर दिखाकर तीन जनों ने 7.67 करोड़ रुपए ठग लिए गए। महिला ने झुंझुनूं के साइबर थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर थानाधिकारी हरिराम सोनी ने बताया कि पीड़ित महिला प्रोफेसर ने रिपोर्ट में बताया है कि 29 अक्टूबर 2023 को उसके पास फोन आया। उससे कहा गया कि वह दुरसंचार विभाग (ट्राई) से बोल रहा है। आपके नंबर पर साइबर क्राइम से जुड़ी शिकायत मिली है। आपका यह फोन एक घंटे बाद ब्लॉक हो जाएगा। आपके आधार नंबर पर आपके नाम से दूसरा नंबर रजिस्टर्ड है। आपके नंबर से जनता को अवैधानिक विज्ञापन व उत्पीडऩ के मैसेज भेजे जाने का आपराधिक कार्य किया जा रहा है। आपके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुंबई पुलिस कार्रवाई करेगी। अभी आपके पास मुंबई से फोन आएगा।

ठगों ने हर दो घंटे की गतिविधि की रिपोर्ट देने को कहा

तीन महीने के दौरान ठगों ने महिला से रोजाना हर दो घंटे में की गतिविधियों की रिपोर्ट भी स्काइप पर देने को कहा। उससे तीन महीने तक हर दो घंटे में कहां गई, किससे मिली और क्या काम किया इसकी जानकारी ली। रुपए ट्रांसफर नहीं करने व सेल्फ रिपोर्ट नहीं भेजने पर नेशनल सीक्रेट एक्ट से मामला जुड़ा हुआ बताकर जेल में डालने की धमकी देते रहे। साथ ही किसी से इसके बारे में चर्चा नहीं करने के लिए बाध्य किया कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट से ही हल होगा।

80 लाख रुपए लोन लेकर भी दिए

महिला ने अपनी बचत और कमाई ही नहीं बल्कि 80 लाख रुपए एक बैंक से लोन लेकर भी ठगों को भेज दिए। ठगों ने बताया कि डिजिटल वेरिफिकेशन व सुप्रीम कोर्ट में मामला हल होते ही आपका सारा पैसा वापस मिल जाएगा। दो फरवरी 2024 को आरोपियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्र्ट से मामले का परिणाम आते ही आपका पैसा आपके खाते में आ जाएगा। इसके बाद 15 फरवरी तक संपर्क नहीं होने पर डर गई और सदमे में रहने लग गई।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में बताया संदिग्ध

इसके बाद 29 अक्टूबर को ही चार बार फोन आए कि आपके खिलाफ क्राइम ब्रांच मुंबई में शिकायत प्राप्त हुई। है। इसमें आपके अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त होना बताया गया है। उसने अपना नाम मुंबई पुलिस में सब इंसपेक्टर संदीप राव बताया। उसने कहा कि आप तुरंत स्काइप पर जुडकऱ ऑनलाइन मीटिंग करें, नहीं तो जांच में आपकी मुश्किल बढ़ जाएंगी। क्योंकि आप नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में संदिग्ध पाए गए हैं। इसमें आपको 20 लाख रुपए मिला है। इसकी ट्रांजेक्शन लिमिट उनके पास है। आपके नाम से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। आपके नाम से एक बैंक का एटीएम भी मिला है। आपके खिलाफ दो वारंट जारी हैं। गिरफ्तारी व दूसरी सारी जायजाद, बैंक खाते फ्रीज करने का डर दिखाकर धमकाया गया। डर की वजह से सारी बचत उन्हें ट्रांसफर करती रही।

बाद में ईडी की रेड का दिखाया खौफ

पीड़िता ने जब कहा कि यह सब उसने नहीं किया तो मदद के नाम से किसी को मुंबई पुलिस का सीबीआई ऑफिसर बनाकर बात करवाई। उसने अपना नाम आकाश कुलहरि बताया। आकाश ने कहा कि आपके बैंक खाते में जितना भी फंड है उसे डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए भेजना है। क्योंकि आपका यह मामला ईडी से संबंधित है और यह सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। इतना कहने पर पीड़िता डर गई और बैंक खातों से 29 अक्टूबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक 42 ट्रांजेक्शन से 7.67 करोड़ रुपए उनके भिन्न-भिन्न खातों में ऑनलाइन नेट बैंकिंग के माध्यम से डलवाती गई।

Published on:
18 Feb 2024 12:45 pm