झुंझुनू

सरकार ने नैनो यूरिया स्प्रे करने के लिए लक्ष्य किए तय, अनुदान भी मिलेगा

नैनो यूरिया दाने वाले यूरिया से अधिक गुणवत्तायुक्त रहता है। दानेदार यूरिया फसल में डालने पर उसका 30 से 40 प्रतिशत ही सही प्रकार से उपयोग हो पाता है, जबकि नैनो यूरिया तरल होने के कारण 85 प्रतिशत तक उपयोग हो जाता है।
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Target Set For Nano Urea Spraying
सरकार ने नैनो यूरिया स्प्रे करने के लिए लक्ष्य किए तय, अनुदान भी मिलेगा

Target Set For Nano Urea Spraying : राजस्थान के झुंझुनूं जिले को कृषि विभाग से 820 हैक्टेयर भूमि में नैनो यूरिया स्प्रे करने का लक्ष्य मिला है। स्प्रे पर किसानों को अनुदान भी मिलेगा। सरकार की ओर से नैनो यूरिया पर 75 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। विभाग की ओर तीन फसल पर ही अनुदान दिया जाएगा। इसमें सरसों, गेहूं एवं जौ शामिल हैं। इसके साथ ही दो बार ही नैनो यूरिया का स्प्रे करना होगा।

कृषि पर्यवेक्षकों की ओर से जिओ ट्रैकिंग की जाएगी। उसके बाद ही अनुदान मिलेगा। शेष राशि किसान को वहन करनी होगी। छिड़काव क्लस्टर बना कर किया जाएगा। प्रत्येक क्लस्टर 10 हैक्टेयर का रहेगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो यूरिया फसल के बेहतर विकास में फायदेमंद है। सामान्य यूरिया की तुलना में नैनो यूरिया के उपयोग से उत्पादन बढ़ता है। आधा लीटर नैनो यूरिया 50 किलो दानेदार यूरिया के बराबर काम करता है।

नैनो यूरिया दाने वाले यूरिया से अधिक गुणवत्तायुक्त रहता है। दानेदार यूरिया फसल में डालने पर उसका 30 से 40 प्रतिशत ही सही प्रकार से उपयोग हो पाता है, जबकि नैनो यूरिया तरल होने के कारण 85 प्रतिशत तक उपयोग हो जाता है।

कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक प्रकाश चंद्र बुनकर ने बताया कि सरकार की ओर नैनो यूरिया पर अनुदान दिया जा रहा है। किसानों का रुझान बढ़ रहा है। नैनो यूरिया फसल के लिए अधिक फायदेमंद है। फसल के उत्पादन में बढ़ोतरी के साथ गुणवत्ता में भी होगा इजाफा जिले भर में लक्ष्य तय कर दिए हैं।

Published on:
29 Feb 2024 06:26 pm
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